प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून, 2026 को गुजरात दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। हजीरा (सूरत) में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद अपने भाषण में उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मजाक उड़ाने वालों को आड़े हाथों लिया।
‘नकारात्मकता की राजनीति’ पर प्रहार
पीएम मोदी ने विपक्ष का नाम लिए बिना कहा कि देश में कुछ लोग हताशा और निराशा का माहौल बनाने में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग भारत को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जनता अब अराजकता, अनिश्चितता और निराशा को स्वीकार नहीं करती। कांग्रेस पिछले 12 वर्षों से अराजकता फैलाकर अपने लिए अवसर तलाश रही है, लेकिन अब उनकी यह सियासत नहीं चलेगी।”
कर्नाटक से बंगाल तक का उल्लेख
पीएम ने देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया है। कर्नाटक में हाल ही में हुए नेतृत्व परिवर्तन का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां की जनता कांग्रेस के शासन से त्रस्त है। इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल में मिली चुनावी सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें विदेश दौरों के दौरान भी बंगाल के जनादेश की सराहना सुनने को मिली है।
विकास और विश्वास पर जोर
प्रधानमंत्री ने हिमाचल, हरियाणा और पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों की जनता ने भी कांग्रेस के ‘कुशासन’ को नकार दिया है। उन्होंने अपने भाषण में जोर दिया कि भारत अब नकारात्मकता से आगे बढ़ चुका है और विकास की ओर अग्रसर है।
उन्होंने सूरत और दमन में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और देश की बढ़ती औद्योगिक क्षमता का प्रतीक बताते हुए पीएम ने कहा कि भारत को बाहरी निर्भरता से मुक्त कराना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 1987 से शुरू हुई उनकी विजय यात्रा आज भी जारी है, जो देश की जनता द्वारा दिए गए भरोसे का परिणाम है।
अंत में, उन्होंने देशवासियों से नकारात्मकता फैलाने वाले तत्वों से सावधान रहने और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।


