भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी का समर्थन किया है। उनका मानना है कि शमी ने टेस्ट और वनडे टीम में जगह पाने के लिए पर्याप्त प्रदर्शन किया है। वहीं, न्यूजीलैंड दौरे के लिए भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी को उन्होंने सही फैसला बताया है। शास्त्री के मुताबिक, भुवनेश्वर का अनुभव और गेंद को स्विंग कराने की क्षमता न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारत के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
यह चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड के चुनौतीपूर्ण दौरे की तैयारी कर रही है। इस दौरे में पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं। ऐसे में अनुभवी तेज गेंदबाजों की भूमिका और प्रमुख खिलाड़ियों के कार्यभार का प्रबंधन चयनकर्ताओं के लिए अहम मुद्दा बना हुआ है।
भुवनेश्वर की वापसी को क्यों बताया मास्टरस्ट्रोक?
शास्त्री ने भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर जोर देते हुए कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। भुवनेश्वर ने आईपीएल के पिछले दो सत्रों में शानदार गेंदबाजी की है। उनके अनुभव और स्विंग गेंदबाजी को देखते हुए न्यूजीलैंड जैसी परिस्थितियों में उनका चयन उपयोगी हो सकता है।
न्यूजीलैंड में तेज गेंदबाजों को पिच और मौसम से मदद मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में भुवनेश्वर शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। शास्त्री का मानना है कि अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी युवा खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकती है।
शमी ने रणजी में किया शानदार प्रदर्शन
मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी से वापसी का दावा मजबूत किया है। रणजी ट्रॉफी 2026-27 के शुरुआती मुकाबले में बंगाल की ओर से खेलते हुए उन्होंने दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लिए। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की टेस्ट और वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिली।
शमी ने आखिरी बार मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह टूर्नामेंट में भारत की खिताबी जीत के दौरान नौ विकेट लेने में सफल रहे थे। अब शास्त्री का मानना है कि लाल और सफेद गेंद, दोनों से उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टेस्ट और वनडे टीम में वापस बुलाने पर विचार करना चाहिए।
बुमराह के वर्कलोड पर भी शास्त्री की सलाह
शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को लेकर भी अहम सुझाव दिया है। उनका कहना है कि 2027 वनडे विश्व कप तक बुमराह को तीनों प्रारूपों में लगातार नहीं खिलाना चाहिए। उन्हें मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और वनडे तथा टी20 में जरूरत के अनुसार ही उतारना चाहिए।
शास्त्री के मुताबिक, न्यूजीलैंड में होने वाली टेस्ट सीरीज में बुमराह की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में उनकी फिटनेस और उपलब्धता बनाए रखना टीम प्रबंधन की प्राथमिकता होनी चाहिए। शास्त्री के बयान से साफ है कि वह भारतीय टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा के बीच संतुलन चाहते हैं। भुवनेश्वर की वापसी के बाद अब शमी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, अंतिम फैसला चयनकर्ताओं को ही करना है।


