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महानवमी 20 अक्टूबर को: जानें कन्या पूजन का शुभ समय, कब मनेगा दशहरा?

शारदीय नवरात्रि के समापन और मां दुर्गा की आराधना के बीच इस साल महानवमी और दशहरा की तारीख को लेकर लोगों के मन में असमंजस है। सवाल है कि महानवमी की तिथि 20 अक्टूबर को कितने बजे तक रहेगी, कन्या पूजन कब करना शुभ होगा और विजयादशमी यानी दशहरा किस दिन मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस बार नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे शुरू हुई और 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। हालांकि, नवमी पूजन की तारीख स्थानीय पंचांग और परंपरा के आधार पर अलग-अलग मानी जा सकती है।

20 अक्टूबर को कितने बजे तक रहेगी नवमी?

पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 20 अक्टूबर, मंगलवार को दोपहर 12:50 बजे समाप्त होगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसी कारण कुछ श्रद्धालु उदयातिथि और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा का समय तय कर रहे हैं।

महानवमी पर मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि के इस दिन हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ और कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, शक्ति और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त कब है?

कन्या पूजन अष्टमी या नवमी, दोनों तिथियों पर अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार किया जाता है। इस वर्ष नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद उपलब्ध होने के कारण कई पंचांगों में महानवमी और कन्या पूजन के लिए 19 अक्टूबर को प्रमुख दिन माना गया है। वहीं, कुछ लोग 20 अक्टूबर को तिथि समाप्त होने से पहले पूजा कर सकते हैं।

कन्या पूजन के दौरान छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और हलवा, पूरी व चने का प्रसाद खिलाया जाता है। इसके बाद श्रद्धानुसार दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद लिया जाता है। पूजा का सटीक समय तय करने के लिए अपने स्थानीय पंचांग और परंपरा को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

दशहरा 20 या 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा?

इस साल अधिकांश उत्तर भारतीय क्षेत्रों में दशहरा यानी विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर लगभग 12:50 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी। हालांकि, बंगाल सहित कुछ क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार विजयादशमी से जुड़े आयोजन 21 अक्टूबर को होंगे।

दिल्ली के पंचांग के अनुसार, 20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक बताया गया है। इस दौरान शस्त्र पूजन और मां अपराजिता की पूजा की जाती है। रावण दहन सामान्यतः सूर्यास्त के बाद किया जाता है, लेकिन आयोजन का समय शहर और स्थानीय कार्यक्रम के अनुसार अलग हो सकता है।

महानवमी और दशहरा का धार्मिक महत्व

महानवमी को मां दुर्गा की शक्ति और महिषासुर पर उनकी विजय से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, दशहरा भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक है। दोनों पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हैं।

इसलिए पूजा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए जरूरी है कि वे नवमी और दशमी की तिथियों के अंतर को समझें। नवमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी, जबकि दशहरा अधिकांश उत्तर भारतीय पंचांगों के अनुसार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कन्या पूजन के लिए 19 अक्टूबर या 20 अक्टूबर में से कौन-सा दिन उचित है, यह अपनी परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार तय करें।

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