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भारत ने पेश किए तीन स्वदेशी मॉडल, बिना इंटरनेट भी चलेगा AI, बैंकिंग से सरकारी सेवाओं तक मिलेगी मदद

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इंडिया एआई मिशन के तहत तीन स्वदेशी एआई मॉडल पेश किए गए हैं, जो इंटरनेट के बिना भी काम करने की क्षमता रखते हैं। इन मॉडलों का इस्तेमाल बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, शिक्षा और कारोबार जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। खास बात यह है कि इनका उद्देश्य भारतीय जरूरतों, भाषाओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप एआई तकनीक विकसित करना है।

तीनों मॉडल में क्या है खास?

भारत के स्वदेशी एआई मॉडल

मॉडलप्रमुख विशेषता
EKA-122 अनुसूचित भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में काम करने की क्षमता
धीर 2Bहल्का मॉडल, ऑफलाइन इस्तेमाल और दस्तावेजों से जानकारी निकालने में मदद
धीर 5Bसरकारी और औद्योगिक कामकाज के लिए सुरक्षित एआई सहायक

इन मॉडलों को इंडियाAI मिशन के तहत विकसित किया गया है। सरकार ने इनके विकास के लिए कंप्यूटिंग संसाधनों और शोध संबंधी सहायता उपलब्ध कराई।

आगे क्या होगा?

इन स्वदेशी मॉडलों के आने से भारत में एआई तकनीक को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकसित करने का अवसर बढ़ेगा। हालांकि, इनके व्यापक इस्तेमाल के लिए वास्तविक परिस्थितियों में प्रदर्शन, सटीकता और सुरक्षा का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल ये मॉडल भारत के एआई क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम पहल हैं।

सरकारी मदद से स्वदेशी AI को बढ़ावा

भारत सरकार इंडियाAI मिशन के जरिए देश में स्वदेशी एआई तकनीक विकसित करने और उसे बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इस पहल का उद्देश्य विदेशी एआई प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करना और भारतीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक तैयार करना है। इसके तहत एआई मॉडल विकसित करने वाली कंपनियों और शोधकर्ताओं को कंप्यूटिंग संसाधन, तकनीकी सहायता और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सरकारी सहयोग से विकसित इन मॉडलों का इस्तेमाल बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सरकारी सेवाओं में किया जा सकता है। खासतौर पर भारतीय भाषाओं में काम करने की क्षमता इन्हें स्थानीय स्तर पर उपयोगी बनाती है। इंटरनेट की सीमित उपलब्धता वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन एआई की सुविधा डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में मदद कर सकती है। सरकार की कोशिश है कि भारत केवल एआई तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश न रहे, बल्कि अपने मॉडल विकसित कर वैश्विक एआई क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

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