भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का चौथा मुकाबला बुधवार, 14 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस अहम मुकाबले से पहले भारतीय उप-कप्तान तिलक वर्मा ने टीम की रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों को रोकने के लिए भारतीय गेंदबाजों को रक्षात्मक होने के बजाय विकेट लेने पर ध्यान देना होगा। भारत की नजर इस मैच में जीत दर्ज करके सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने पर है।
विकेट लेने के इरादे से उतरेंगे भारतीय गेंदबाज
तिलक वर्मा ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि वेस्टइंडीज की टीम टी20 प्रारूप में बेहद खतरनाक है। कैरेबियाई खिलाड़ियों को दुनियाभर की फ्रेंचाइजी लीग में खेलने का अनुभव है। उनकी ताकत बड़े शॉट लगाने में है और टीम के निचले क्रम के बल्लेबाज भी तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
तिलक ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तब तक राहत नहीं मिल सकती, जब तक उसके सभी 10 विकेट नहीं गिर जाते। केवल शुरुआती बल्लेबाजों को आउट करने से काम पूरा नहीं होगा। टीम को पूरे मुकाबले में सतर्क रहना होगा और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देना होगा।
उन्होंने दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी की रणनीति पर भी बात की। उस मैच में वेस्टइंडीज ने 249 रन का लक्ष्य हासिल करके भारत को छह विकेट से हराया था। तिलक के मुताबिक, जब कैरेबियाई बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, तब भारतीय गेंदबाज शुरुआत में विकेट लेने के बजाय रन रोकने की कोशिश करते नजर आए। टीम ने इस अनुभव से सीख ली है।
गौतम गंभीर ने भी आक्रामकता पर दिया जोर
तिलक ने बताया कि दूसरे मुकाबले के बाद टीम के भीतर गेंदबाजी की रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी गेंदबाजों को आक्रामक रवैया अपनाने और विकेट हासिल करने के लिए प्रयास करने की सलाह दी। भारतीय टीम ने इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 में इसी सोच के साथ वापसी की और वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। अब चौथे मुकाबले में भारत इसी लय को बरकरार रखते हुए सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगा। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम जीत दर्ज करके पांच मैचों की सीरीज में बराबरी करना चाहेगी।
नंबर-3 पर बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं तिलक
तिलक वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय में नंबर-3 पर खेलना पसंद है, क्योंकि इस स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभालने और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की आजादी मिलती है। यदि शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं तो वह पारी को आगे बढ़ाने के लिए समय ले सकते हैं। वहीं, शीर्ष क्रम के बल्लेबाज लंबे समय तक टिके रहें तो वह पहली गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। तिलक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता टीम को जीत दिलाना है और वह टीम की जरूरत के मुताबिक अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
घरेलू मैदान पर खेलने को लेकर उत्साहित
हैदराबाद तिलक वर्मा का घरेलू मैदान है। भारतीय टीम के उप-कप्तान के रूप में यहां खेलने को उन्होंने गर्व और खास अनुभव बताया। वह घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करके टीम की जीत में योगदान देना चाहेंगे। भारत के सामने अब चुनौती वेस्टइंडीज की विस्फोटक बल्लेबाजी पर अंकुश लगाने की है। टीम यदि शुरुआती विकेट निकालने में सफल रहती है तो मुकाबले पर पकड़ मजबूत कर सकती है। हालांकि, कैरेबियाई बल्लेबाजों की ताकत को देखते हुए भारतीय गेंदबाजों को पूरे मैच में अनुशासित और आक्रामक रहना होगा।


