HomeHindi NewsBusinessपिता ने बनाई थी 'शहंशाह', बेटे नमित मल्होत्रा का 'रामायण' पर दांव,...

पिता ने बनाई थी ‘शहंशाह’, बेटे नमित मल्होत्रा का ‘रामायण’ पर दांव, कभी गैराज से शुरू किया था सफर, गंवाई थी 90% दौलत

भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में शामिल ‘रामायण’ इन दिनों लगातार चर्चा में है। रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी और सनी देओल जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं, जबकि इसके निर्माता नमित मल्होत्रा हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतनी बड़ी फिल्म बनाने वाले नमित का सफर किसी आलीशान स्टूडियो से नहीं, बल्कि पिता के गैराज में रखे एक कंप्यूटर से शुरू हुआ था। एक समय ऐसा भी आया, जब वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण उन्हें अपनी करीब 90 प्रतिशत संपत्ति गंवानी पड़ी थी। आज वही नमित अंतरराष्ट्रीय फिल्म और विजुअल इफेक्ट्स इंडस्ट्री में बड़ा नाम बन चुके हैं।

कौन हैं नमित मल्होत्रा?

नमित मल्होत्रा का जन्म 2 अप्रैल 1976 को मुंबई में हुआ था। वह फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा एमएन मल्होत्रा जाने-माने सिनेमैटोग्राफर थे, जबकि उनके पिता नरेश मल्होत्रा फिल्म निर्माता हैं। नरेश मल्होत्रा ने अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘शहंशाह’ का निर्माण किया था।

हालांकि, नमित ने पारंपरिक फिल्म निर्माण के बजाय तकनीक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने का फैसला किया। 1993 में हॉलीवुड फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ देखने के बाद उनकी दिलचस्पी कंप्यूटर ग्राफिक्स और विजुअल इफेक्ट्स में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने इसी क्षेत्र में काम करने की योजना बनाई।

पिता के गैराज में शुरू किया कारोबार

साल 1995 में महज 19 साल की उम्र में नमित ने अपने पिता के गैराज में एक छोटा एडिटिंग स्टूडियो शुरू किया। इसका नाम ‘वीडियो वर्कशॉप’ रखा गया। उनके पास एक कंप्यूटर और कुछ तकनीकी उपकरण थे। उन्होंने अपने तीन शिक्षकों को भी इस काम से जोड़ा, जो आगे चलकर उनके कारोबारी सहयोगी बने।

शुरुआत में उनकी टीम टीवी कार्यक्रमों, विज्ञापनों और म्यूजिक वीडियो के लिए एडिटिंग और ग्राफिक्स का काम करती थी। ‘बूगी वूगी’ जैसे लोकप्रिय कार्यक्रमों से भी उनका स्टूडियो जुड़ा रहा।

साल 1997 में नमित ने अपने पिता की कंपनी वीडियो वर्क्स के साथ कारोबार को मिलाकर प्राइम फोकस की स्थापना की। धीरे-धीरे यह कंपनी पोस्ट-प्रोडक्शन, डिजिटल तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ती गई।

2008 में लगा सबसे बड़ा झटका, गंवाई 90% संपत्ति

नमित की सफलता का रास्ता आसान नहीं था। साल 2007 में उन्होंने अमेरिका में कारोबार का विस्तार शुरू किया था। लेकिन अगले ही साल आई वैश्विक आर्थिक मंदी ने उनकी योजनाओं को बड़ा झटका दिया।

नमित ने लॉस एंजिल्स में रामायण से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया कि 2008 के वित्तीय संकट में उनकी करीब 90 प्रतिशत संपत्ति खत्म हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना कारोबार दोबारा खड़ा करने में जुटे रहे।

DNEG से हॉलीवुड तक बनाई पहचान

साल 2014 में प्राइम फोकस की विजुअल इफेक्ट्स इकाई ने ब्रिटिश कंपनी डबल नेगेटिव का अधिग्रहण किया। इसके बाद DNEG अस्तित्व में आई। इस कंपनी ने ‘इंसेप्शन’, ‘इंटरस्टेलर’, ‘ड्यून’, ‘ब्लेड रनर 2049’ और ‘टेनट’ जैसी फिल्मों के विजुअल इफेक्ट्स पर काम किया है।

कंपनी ने विजुअल इफेक्ट्स के क्षेत्र में आठ ऑस्कर पुरस्कार भी हासिल किए हैं। नमित फिलहाल DNEG के चेयरमैन और सीईओ हैं।

4000 करोड़ की रामायण से जुड़ा सबसे बड़ा सपना

नमित मल्होत्रा अब अपने करियर के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘रामायण’ पर काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, फिल्म के दोनों भागों का संयुक्त बजट करीब 500 मिलियन डॉलर यानी 4000 करोड़ रुपये से अधिक होगा।

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। संगीत की जिम्मेदारी ऑस्कर विजेता हंस जिमर और एआर रहमान ने संभाली है।

फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। पहला भाग नवंबर 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 के लिए निर्धारित है। नमित का उद्देश्य भारतीय महाकाव्य को आधुनिक तकनीक के जरिए अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना है।

पिता के गैराज से शुरू होकर हॉलीवुड तक पहुंचा नमित का सफर बताता है कि रामायण सिर्फ एक बड़े बजट की फिल्म नहीं, बल्कि उनके दशकों पुराने सपने का भी नतीजा है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments