फ्लाईदुबई की तेल अवीव जाने वाली उड़ान में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला करने वाले सह-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। ओमानी नागरिक हमाम पर उड़ान के दौरान कॉकपिट में कप्तान पर हमला करने और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश का आरोप है। अब उसकी पुरानी गतिविधियों और सोशल मीडिया पोस्ट ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में उसके कट्टरपंथी विचारों और अलकायदा से जुड़े कंटेंट के संकेत सामने आए हैं।
पहले ही सामने आ गए थे कट्टरपंथी विचार
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब तीन साल पहले हमाम के व्यवहार और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर चिंता सामने आई थी। वह उस समय ओमान एयर से जुड़ा था। उसके कट्टरपंथी विचारों और कथित तौर पर चरमपंथी वेबसाइटों में रुचि के बाद उसकी उड़ान ट्रेनिंग रोक दी गई थी। उसे डेस्क जॉब देने के साथ कथित तौर पर डी-रेडिकलाइजेशन कार्यक्रम से भी गुजारा गया। इसके बावजूद बाद में वह दोबारा विमान उड़ाने की स्थिति तक कैसे पहुंचा, यही अब जांच का अहम सवाल है।
सोशल मीडिया ने बढ़ाई चिंता
जांच में हमाम से जुड़े पुराने सोशल मीडिया अकाउंट और पोस्ट सामने आए हैं। एक वीडियो में इजरायल की राष्ट्रीय एयरलाइन एल अल के विमानों को जमीन और आसमान से रिकॉर्ड किया गया था। इस वीडियो की एक रिकॉर्डिंग 2023 में ओमान एयर की उड़ान के कॉकपिट से की गई थी। वीडियो के अंत में अलकायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी और अफगानिस्तान में 2009 के आत्मघाती हमले से जुड़े व्यक्ति की तस्वीरें दिखाई देती हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के बाद सामने आए कुछ पोस्ट पहले से शेड्यूल थे या किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें प्रकाशित किया।
फिर फ्लाईदुबई तक कैसे पहुंचा?
हमाम ने ओमान एयर छोड़ने के बाद दूसरे विमानन अवसर तलाशे। रिपोर्टों के अनुसार, उसने 2025 में रॉयल एयर मैरोक से भी जुड़ने की कोशिश की और बाद में फरवरी 2026 में फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल कर ली। यही घटनाक्रम अब अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
जांच से जुड़े लोगों के मुताबिक, अगर किसी दूसरे देश या एयरलाइन ने ओमान से हमाम की पृष्ठभूमि को लेकर जानकारी मांगी होती तो उसके बारे में उपलब्ध सूचना साझा की जा सकती थी। लेकिन ऐसी जानकारी मांगने का कोई अनुरोध ओमान को नहीं मिला। फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया में सुरक्षा जांच होती है, लेकिन जांचकर्ताओं के सामने यह स्पष्ट नहीं है कि हमाम की पिछली पृष्ठभूमि की कितनी गहराई से पड़ताल की गई थी।
तीन साल पुरानी चेतावनी ने बढ़ाए सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस व्यक्ति को पहले चरमपंथी विचारों के कारण उड़ान से दूर किया गया था, वह बाद में अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंच गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमाम ने यह कदम अकेले उठाया या उसे किसी संगठन से मदद मिली। फिलहाल इजरायली सूत्रों ने संकेत दिया है कि उसके अकेले कार्रवाई करने की संभावना है और किसी संगठन या सरकार से सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना ने एयरलाइंस के पायलटों की भर्ती, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जांच और अलग-अलग देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चेतावनी के बावजूद हमाम कॉकपिट तक पहुंचने में कैसे सफल हुआ और उसकी कथित साजिश की वास्तविक पृष्ठभूमि क्या थी।


