पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा नवजोत सिंह सिद्धू की संभावित वापसी और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर हो रही है। कांग्रेस ने हाल ही में पूर्व ओलंपियन और विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया है। इसके बाद इन दोनों सवालों पर परगट सिंह से भी जवाब मांगा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिद्धू की वापसी और मुख्यमंत्री चेहरे का फैसला किसी एक नेता के हाथ में नहीं है।
सिद्धू की वापसी पर क्या बोले परगट सिंह?
परगट सिंह के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के पुराने सदस्य और पार्टी का हिस्सा रह चुके हैं। उनकी वापसी को लेकर अंतिम निर्णय संगठन और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेना है। यानी फिलहाल कांग्रेस की ओर से सिद्धू की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सिद्धू पिछले काफी समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं और क्रिकेट कमेंट्री समेत अन्य गतिविधियों में नजर आ रहे हैं।
सिद्धू की राजनीतिक वापसी को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें लगती रही हैं। दिसंबर 2025 में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा था कि अगर कांग्रेस सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है तो वह सक्रिय राजनीति में लौट सकते हैं। हालांकि, यह उनका बयान था और सिद्धू की ओर से ऐसी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
कौन होगा कांग्रेस का CM चेहरा?
2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस किसे मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, इस सवाल पर भी परगट सिंह ने फिलहाल किसी नाम का संकेत नहीं दिया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री चेहरे का फैसला उचित समय पर कांग्रेस हाईकमान करेगा। अभी पार्टी का मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने और चुनाव की तैयारी पर है।
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी कह चुके हैं कि पार्टी चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने की नीति पर आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक चुनाव के बाद जनता के जनादेश के आधार पर नेताओं के साथ बैठकर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल पार्टी किसी एक नेता को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर आगे करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
परगट सिंह के सामने बड़ी चुनौती
परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी को कम करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे और संगठन के नेतृत्व को लेकर पहले से ही अलग-अलग नेताओं के समर्थकों के बीच खींचतान रही है।
अब परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट कर चुनावी तैयारी को गति देना है। उन्होंने पार्टी में किसी तरह की अंदरूनी कलह से इनकार करते हुए कहा कि सभी नेता मिलकर पंजाब के लिए काम कर रहे हैं।
अभी तस्वीर साफ नहीं
ऐसे में फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू की कांग्रेस में वापसी और पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे—दोनों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सिद्धू की वापसी पर हाईकमान का निर्णय होना बाकी है, जबकि मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर कांग्रेस की मौजूदा रणनीति सामूहिक नेतृत्व की दिखाई दे रही है। अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले इन दोनों मुद्दों पर पार्टी का अंतिम रुख ही तस्वीर साफ करेगा।


