कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की तैयारी है। देशभर के ईएसआई अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू), आधुनिक जांच उपकरण, ऑपरेशन थिएटर और गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाएं मजबूत की जाएंगी। इस योजना से ईएसआई व्यवस्था के तहत आने वाले करीब 14.9 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने संबंधित कार्यों को 31 दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
इस पहल का उद्देश्य नौकरीपेशा कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों के चक्कर कम लगाने पड़ें।
आईसीयू और आधुनिक जांच सुविधाओं पर जोर
ईएसआईसी अस्पतालों के आधुनिकीकरण के तहत बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। योजना में आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, प्रसूति सेवाओं और नवजात शिशुओं तथा बच्चों के लिए गहन चिकित्सा इकाइयों को मजबूत करना भी शामिल है।
इन सुविधाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को अस्पताल में ही बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा आधुनिक जांच उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से बीमारियों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कैंसर के इलाज के लिए भी विशेष व्यवस्था
ईएसआईसी की योजनाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी ब्लॉक स्थापित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसमें हाई-एनर्जी लीनियर एक्सेलेरेटर, सीटी सिम्युलेटर, ब्रैकीथेरेपी और पीईटी-सीटी जैसी सुविधाएं शामिल करने की योजना है।
इस सुविधा से पूर्वी भारत के लाभार्थियों को कैंसर के इलाज में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके दायरे में पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों के मरीज भी आ सकते हैं।
कई अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की योजना
ईएसआईसी ने जम्मू के बाड़ी ब्राह्मणा स्थित मॉडल अस्पताल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 बिस्तर करने और तमिलनाडु के तिरुनेलवेली अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर का करने की योजना को मंजूरी दी है।
इसके अलावा तेलंगाना के सनतनगर, फरीदाबाद, लुधियाना, बेलटोला और भुवनेश्वर में व्यावसायिक बीमारियों के उपचार के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इन केंद्रों में फैक्ट्रियों, खदानों, निर्माण कार्यों और अन्य कार्यस्थलों से जुड़ी बीमारियों के उपचार पर ध्यान दिया जाएगा।
दूसरे अस्पतालों में इलाज की सुविधा भी
जिन क्षेत्रों में ईएसआई अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के माध्यम से भी लाभार्थियों को इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
ईएसआईसी की इन पहलों का उद्देश्य चिकित्सा ढांचे को मजबूत करना और कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना है। हालांकि, अलग-अलग अस्पतालों में सुविधाएं कब तक पूरी तरह उपलब्ध होंगी, यह संबंधित परियोजनाओं की प्रगति पर निर्भर करेगा।


