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दीपावली 2026 : जानें पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री, कैसे प्रसन्न होंगी धन-वैभव की देवी

दीपावली का पर्व सुख-समृद्धि, खुशहाली और रोशनी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात विधि-विधान और श्रद्धा के साथ लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। यही वजह है कि लोग दीपावली से पहले घर की साफ-सफाई और पूजा की तैयारियों में जुट जाते हैं। अगर आप भी इस दिवाली मां लक्ष्मी की पूजा करने जा रहे हैं, तो पूजन सामग्री की पूरी सूची पहले से तैयार कर लें।

लक्ष्मी पूजन की थाली में जरूर रखें ये सामग्री

दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए कुछ विशेष सामग्रियों को शुभ माना जाता है। पूजा की थाली में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं।

1. रोली, कुमकुम और हल्दी: देवी-देवताओं को तिलक लगाने के लिए रोली, कुमकुम और हल्दी रखें। इन्हें शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है।

2. अक्षत यानी साबुत चावल: पूजा में अक्षत का विशेष महत्व है। तिलक लगाने और पूजा-अर्चना के दौरान इसका इस्तेमाल किया जाता है।

3. दीपक, घी और रुई की बाती: दिवाली दीपों का त्योहार है। मां लक्ष्मी की पूजा के लिए मिट्टी के दीपक, घी या तेल और रुई की बातियां जरूर रखें।

4. कमल और अन्य फूल: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कमल का फूल मां लक्ष्मी को विशेष प्रिय है। इसके अलावा गेंदे के फूल और फूलों की माला भी अर्पित कर सकते हैं।

5. धूप, अगरबत्ती और कपूर: पूजा के दौरान धूप और अगरबत्ती जलाने तथा आरती के लिए कपूर की व्यवस्था करें।

6. पान, सुपारी और नारियल: लक्ष्मी पूजन में पान, सुपारी और नारियल का विशेष महत्व माना जाता है। इन्हें पूजा की थाली में शामिल करें।

7. मिठाई, फल, खील और बताशे: मां लक्ष्मी और गणेश जी को भोग लगाने के लिए मिठाई, खील, बताशे और मौसमी फल रखें।

8. कलावा, चंदन और गंगाजल: पूजा के लिए मौली, चंदन और गंगाजल भी रखें। इनके अलावा पूजा की चौकी, लाल या पीला कपड़ा, घंटी और आरती की थाली की व्यवस्था करें।

सबसे पहले किसकी पूजा करें?

हिंदू परंपरा के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। उन्हें प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। इसलिए दीपावली पर भी पहले भगवान गणेश का पूजन करें, इसके बाद मां लक्ष्मी की आराधना करें।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई बेहद जरूरी मानी जाती है। पूजा के दौरान ताजे फूल और स्वच्छ भोग अर्पित करें। श्रद्धा और सकारात्मक भाव से पूजा करें। दीपक जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें और उन्हें पर्दों या ज्वलनशील वस्तुओं के पास न रखें। दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करते समय अपनी पारिवारिक परंपराओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन करें।

लक्ष्मी पूजन का शुभ समय

  • तिथि: 8 नवंबर 2026, रविवार
  • लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 6:02 बजे से रात 8:01 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 5:38 बजे से रात 8:13 बजे तक
  • अमावस्या तिथि: 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे से 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक

पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा में स्वच्छता, श्रद्धा और विधि-विधान का विशेष ध्यान रखें।

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