HomeHindi NewsDelhi Newsशांति भंग नहीं करेंगे.. 3 शर्तों पर दिपके, सौरव दास और रांका...

शांति भंग नहीं करेंगे.. 3 शर्तों पर दिपके, सौरव दास और रांका की रिहाई, CJP बोली-कॉकरोच कभी मरते नहीं हैं

सीजेपी प्रदर्शन से जुड़े मामले में अभिजीत दिपके, सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को तीन शर्तों के आधार पर रिहा किया गया है। इनमें एक साल तक शांति भंग नहीं करने का आश्वासन भी शामिल है। प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के बाद इन लोगों की रिहाई को लेकर यह शर्तें चर्चा में हैं। रिहाई से जुड़ी शर्तों के अनुसार, संबंधित लोगों को निर्धारित अवधि तक शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं करने का आश्वासन देना होगा। हालांकि, तीनों शर्तों के सटीक विवरण और उनके कानूनी स्वरूप की पुष्टि संबंधित आदेश से किया जाना जरूरी है।

तीनों नेताओं को एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया था। शनिवार को पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इनमें पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका भी शामिल थे। रविवार को तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी सोशल मीडिया पर रिहाई की जानकारी दी।

रिहाई के बाद सीजेपी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी जीत बताया। संगठन की ओर से रविवार दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की भी जानकारी दी गई। इस घटनाक्रम के बीच सीजेपी ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में नेताओं की रिहाई के बाद भी दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

सीजेपी का बयान: ‘कॉकरोच कभी मरते नहीं हैं’

दिल्ली में प्रदर्शन के बाद सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) ने अपने अंदाज में संदेश दिया—‘कॉकरोच कभी मरते नहीं हैं’ (Cockroaches never die)। पार्टी का यह बयान नेताओं की हिरासत और फिर रिहाई के बीच संघर्ष जारी रखने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया। पार्टी ने अपने संदेश से पीछे नहीं हटने का संकेत दिया।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments