अमेरिका और चीन के रिश्तों में जारी व्यापार और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस में अहम बैठक की। बातचीत में ताइवान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), व्यापार और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर चीन की स्थिति स्पष्ट की और अमेरिका से इस मुद्दे को सावधानी से संभालने की अपील की। वहीं, एआई के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग जारी रखने पर जोर दिया गया।
ताइवान पर क्या बोले शी जिनपिंग?
चीनी राष्ट्रपति ने ट्रंप से कहा कि चीन की राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर उसका रुख स्पष्ट है। उन्होंने अमेरिका से ‘ताइवान की आजादी’ का विरोध करने और ताइवान के सवाल को सावधानी से संभालने की अपील की। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वशासित लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में संचालित करता है। यही वजह है कि यह मुद्दा लंबे समय से अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे संवेदनशील विषयों में शामिल रहा है।
हालांकि, बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों पर ट्रंप और शी ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया कि बंद कमरे में ताइवान पर कितनी विस्तार से चर्चा हुई। चीनी सरकारी विवरण में जरूर कहा गया कि शी ने बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठाया था।
एआई पर सहयोग की बात
बैठक में एआई भी अहम मुद्दा रहा। शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों एआई के क्षेत्र में बड़ी क्षमता रखते हैं। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन सहयोग के कारण भी ज्यादा हैं। उन्होंने एआई के जोखिम और लाभ पर दोनों देशों के बीच संवाद जारी रखने तथा इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए साथ काम करने की बात कही।
शी ने यह भी कहा कि एआई को मानव नियंत्रण में रखा जाना चाहिए और इसके विकास का उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए। ट्रंप ने भी एआई को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग जारी रखने की बात कही।
व्यापार पर भी बनी सहमति
बैठक से पहले दोनों देशों के आर्थिक अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद मौजूदा ट्रेड ट्रूस को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इससे तत्काल नए बड़े टैरिफ बढ़ने का खतरा टला है और दोनों देशों को व्यापार से जुड़े मुद्दों पर आगे बातचीत का समय मिला है। महत्वपूर्ण खनिजों, कृषि उत्पादों और अन्य व्यापारिक मुद्दों पर भी बातचीत जारी रखने की बात सामने आई।
कई मतभेदों के बीच संवाद जारी
ट्रंप और शी की बैठक में मध्य पूर्व, यूक्रेन और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने प्रतिस्पर्धा को टकराव में बदलने से रोकने और संवाद के रास्ते खुले रखने पर जोर दिया।
इस बैठक से यह संकेत मिला कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी रहने के बावजूद दोनों देश संवाद के जरिए मतभेदों को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों की स्थितियां अलग हैं, जबकि एआई जैसे उभरते क्षेत्र में जोखिम कम करने और सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत का रास्ता खुला हुआ है।


