29 सितंबर 2016… यह तारीख भारतीय सैन्य इतिहास में एक अहम घटनाक्रम के तौर पर दर्ज है। ठीक 10 साल पहले भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी लॉन्च पैड्स के खिलाफ लक्षित कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई 18 सितंबर को हुए उरी आतंकी हमले के 11 दिन बाद की गई थी। उरी हमले में 18 भारतीय जवान शहीद हुए थे।
18 सितंबर को उरी में क्या हुआ था?
18 सितंबर 2016 की सुबह करीब 5:30 बजे भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के एक प्रशासनिक बेस पर हमला किया। आतंकियों ने गोलीबारी के साथ आग लगाने वाले गोला-बारूद का इस्तेमाल किया, जिससे सेना के अस्थायी टेंट और शेल्टरों में आग लग गई। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के मुताबिक चार आतंकियों को मार गिराया गया और उनके पास से चार AK-47 तथा चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर समेत हथियार बरामद हुए। हमले में 17 जवानों की मौत की शुरुआती पुष्टि हुई थी, जबकि बाद में मृतकों की संख्या 18 हुई।
इसके बाद क्या हुआ?
हमले के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने LoC के पार आतंकियों की घुसपैठ और उनके लॉन्च पैड्स पर खुफिया जानकारी जुटाई। 29 सितंबर को तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने बताया कि सेना को आतंकियों के कुछ ऐसे समूहों की विश्वसनीय जानकारी मिली थी, जो LoC के पास लॉन्च पैड्स पर मौजूद थे और भारत में घुसपैठ कर हमले की तैयारी कर रहे थे।
रात में कैसे हुई कार्रवाई?
28 और 29 सितंबर की दरम्यानी रात भारतीय सेना ने PoK में मौजूद कई आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया। उस समय सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक अभियान में विशेष बलों के साथ जमीनी और हेलिबोर्न संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। कुछ रिपोर्टों में सात आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। ये ठिकाने LoC से करीब 2 से 3 किलोमीटर तक की दूरी पर बताए गए थे। अभियान आधी रात के बाद शुरू होकर तड़के करीब 4:30 बजे तक चला।
भारतीय सेना के तत्कालीन DGMO ने 29 सितंबर को कहा कि कार्रवाई में आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को “महत्वपूर्ण नुकसान” पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का उद्देश्य आतंकियों को भारत में घुसपैठ कर हमला करने से पहले ही निष्क्रिय करना था।
पाकिस्तान ने क्या कहा था?
भारत के बयान के बाद पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को खारिज किया था। पाकिस्तानी पक्ष ने इसे LoC पर गोलीबारी बताते हुए अपने सैनिकों के मारे जाने की बात कही। इस तरह दोनों देशों के बयानों में कार्रवाई की प्रकृति और उसके परिणामों को लेकर अंतर रहा।
क्यों महत्वपूर्ण रही 2016 की कार्रवाई?
2016 की सर्जिकल स्ट्राइक इसलिए महत्वपूर्ण मानी गई क्योंकि भारत ने सार्वजनिक रूप से बताया कि उसकी सेना ने LoC पार जाकर आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया है। 29 सितंबर 2016 को DGMO की प्रेस ब्रीफिंग के बाद यह कार्रवाई भारत की आतंकवाद-विरोधी रणनीति और सीमा पार आतंकवाद के जवाब को लेकर राष्ट्रीय चर्चा का बड़ा विषय बनी।
दस साल बाद भी उरी हमले और उसके जवाब में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की सुरक्षा नीति के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में गिना जाता है। हालांकि अभियान की विस्तृत सैन्य तकनीक और वास्तविक ऑपरेशनल प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।


