Sunday, April 21, 2024
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पिता के अधूरे सपने को बेटे ने किया पूरा,सिर्फ 21 साल में बनकर दिखाया IPS

पिता जब छात्र थे तो एक बड़ा अफसर बनना चाहते थे।लेकिन कमजोर आर्थिक हालातो ने उनके ख्वाब को पूरा नहीं होने दिया। लेकिन पिता के इस सपने को अब उनके बेटे ने अपनी काबिलियत के सहारे पूरा कर दिखाया है वो भी महज 21 साल की उम्र में।सफलता की ये कहानी है यूपी के बारांबकी के रहने वाले आदर्श कान्त शुक्ला की जो महज 22 साल की उम्र में ही आईपीएस अफसर बन गए हैं।

कौन है आदर्श कान्त शुक्ला ?

आदर्श कान्त शुक्ला का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के बारांबकी से है। वे एक बेहद ही सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। आदर्श के पिता एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। लेकिन कभी वे भी एक बड़ा सरकारी अफसर बनना चाहते थे। लेकिन कमजोर आर्थिक स्तिथि के चलते आदर्श के पिता का सपना पूरा नहीं हो पाया। लेकिन आदर्श ने इस सपने को पूरा किया है।

20 साल पहले आये थे बाराबंकी

आदर्श कांत शुक्ला के पिता करीब 20 साल पहले गांव से बाराबंकी में आए थे. शुरू में वह किराए के कमरे में रहे. बाद में खुद का मकान बनाया. आदर्श की मां हाउसमेकर हैं. उनके माता-पिता ने आदर्श की पढ़ाई-लिखाई में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने भी बेटे को अधिकारी बनते देखने का ख्वाब संजोया था. जिसे आदर्श ने कम उम्र में ही पूरा कर दिया.

ऐसा रहा आदर्श का सफर

आदर्श कांत शुक्ला बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में होशियार थे. उन्होंने लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज से बीएससी किया. वह बीएससी में गोल्ड मेडलिस्ट थे. आदर्श का सपना हमेशा से ही एक आईपीएस बनने का था. इसलिए ग्रेजुएशन पूरा होते ही वह यूपीएससी की तैयारी में लग गए.

आदर्श ने साल 2020 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी. पहले ही अटेम्प्ट में उन्होंने ऑल इंडिया 149वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्लियर करके आईपीएस बन गए. आदर्श का कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा को भी अन्य परीक्षाओं जैसा ही मानना चाहिए. इसे जीवन का एकमात्र उद्देश्य नहीं बनाना चाहिए.

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