न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही है। चार साल बाद भारत की टी20 टीम में लौटे भुवनेश्वर ने शुरुआती दो मुकाबलों में 99 रन खर्च कर सिर्फ एक विकेट लिया। उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने अनुभवी गेंदबाज का समर्थन किया है। उन्होंने भुवनेश्वर को बाहरी आलोचनाओं और उम्मीदों के दबाव से दूर रहकर अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देने की सलाह दी है।
चार साल बाद वापसी, लेकिन शुरुआत मुश्किल
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज से पहले नवंबर 2022 में अपना पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टीम में वापसी का मौका मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटने के बाद शुरुआती दोनों मैच उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहे। सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में भुवनेश्वर ने चार ओवर में 49 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। दूसरे मुकाबले में उन्होंने चार ओवर में 50 रन खर्च किए और एक विकेट हासिल किया। इस तरह दो मैचों में उनका इकॉनमी रेट 12.37 रन प्रति ओवर रहा।
मोर्कल ने क्यों किया भुवनेश्वर का समर्थन?
गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने तीसरे टी20 मुकाबले से पहले कहा कि चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले खिलाड़ी से काफी उम्मीदें जुड़ी होती हैं। ऐसे में प्रदर्शन का दबाव स्वाभाविक है।
मोर्कल ने कहा कि भुवनेश्वर ने आईपीएल में शानदार गेंदबाजी की है और उनके पास जरूरी कौशल तथा अनुभव मौजूद है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना अलग चुनौती है, जहां छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि टीम में चयन से पहले भुवनेश्वर को तैयारी के लिए सीमित समय मिला था। अभ्यास करना और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरना दो अलग-अलग चीजें हैं। इसलिए उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
‘बस अपने खेल पर ध्यान दो’
मोर्कल का संदेश साफ था कि भुवनेश्वर को किसी नतीजे का पीछा करने या खुद पर अतिरिक्त दबाव डालने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपने स्वाभाविक अंदाज में गेंदबाजी करनी चाहिए और बाहरी चर्चाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए। कोच को उम्मीद है कि भुवनेश्वर हर मुकाबले के साथ बेहतर होते जाएंगे और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल कर लेंगे।
तीसरे मैच में वापसी पर रहेंगी निगाहें
पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत शुरुआती दो मुकाबले जीतकर 2-0 से आगे है। ऐसे में तीसरा मैच भुवनेश्वर के लिए अपनी गेंदबाजी में सुधार दिखाने का अवसर होगा। टीम प्रबंधन को उनसे अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर तब जब भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत है। अब देखना होगा कि मोर्कल के भरोसे और अपनी क्षमता के दम पर भुवनेश्वर अगले मुकाबले में कैसा प्रदर्शन करते हैं।


