आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब के कारण मौसम बिगड़ गया है। तेज हवाओं और भारी बारिश से कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। आंध्र प्रदेश के तट के पास चक्रवात के पहुंचने के साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। यानम क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-216 के पास तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए। मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा कई अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग और केंद्र सरकार की चेतावनियों के मुताबिक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर पड़ने की आशंका है।
तट से टकराने की प्रक्रिया शुरू
28 अक्टूबर की सुबह सामने आए अपडेट के मुताबिक, चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास यानम क्षेत्र के निकट तट से टकराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया सुबह लगभग चार बजे तक पूरी होने की उम्मीद थी। हालांकि, तट पार करने के बाद भी तेज हवाओं और बारिश का असर बने रहने की आशंका जताई गई।
चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को भी अधिकारियों की ओर से तूफान की स्थिति और तैयारियों की जानकारी दी जा रही है। प्रभावित इलाकों में लोगों से घरों के भीतर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। वहीं, हवा के तेज झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई। इतनी तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और सड़कों पर यातायात बाधित होने का खतरा रहता है।
यानम में पेड़ों के उखड़ने की घटनाएं सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन और रास्तों को सुरक्षित बनाने की जरूरत बढ़ गई है। लोगों को बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भी भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात का प्रभाव ओडिशा के कई हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। राज्य के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी।
ओडिशा प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई तेज की। खराब मौसम को देखते हुए कुछ स्थानों पर नाव सेवाएं भी रोक दी गईं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की आशंका के कारण तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
उड़ानों और रेल सेवाओं पर असर
चक्रवात के कारण परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों से संचालित कई उड़ानें रद्द की गईं। रेलवे ने भी प्रभावित रेलखंडों की निगरानी बढ़ाते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले उड़ानों और ट्रेनों की स्थिति की जानकारी जरूर लें। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन तथा राहत दलों के निर्देशों का पालन करें।
किन राज्यों पर पड़ेगा असर?
- तेलंगाना: 28 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- छत्तीसगढ़: 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश का खतरा, कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश हो सकती है।
- झारखंड: 29 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान।
- बिहार: 29 और 30 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश की आशंका।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 29 अक्टूबर को अत्यधिक बारिश और 30 अक्टूबर को भी भारी बारिश हो सकती है।
- मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना है, खासकर चक्रवात के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में।
- पश्चिम बंगाल: कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका।


