उत्तर प्रदेश और बिहार में विधान परिषद चुनावों के नतीजों और रुझानों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कई सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की है। मेरठ-सहारनपुर की दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने बाजी मारी। वहीं, बिहार के एमएलसी चुनाव में राजद, भाजपा, जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला चर्चा में है।
यूपी में भाजपा की कई सीटों पर जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए मतगणना जारी है। इन सीटों पर भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। चुनाव परिणामों को वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों की राजनीतिक स्थिति के आकलन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने 18,099 मत हासिल कर जीत दर्ज की। वहीं, स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल 24,928 वोट पाकर विजयी रहे। दोनों सीटों पर भाजपा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है।
लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उमेश द्विवेदी ने जीत दर्ज की। इसके अलावा बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों ने भी बाजी मारी। इस तरह शुरुआती घोषित नतीजों में भाजपा ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर अपना दबदबा कायम रखा।
वाराणसी में सपा की जीत, आगरा में हंगामा
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की। पहली वरीयता के मतों की गिनती में उन्हें 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 मत प्राप्त हुए। इस तरह लाल बिहारी यादव ने 4,898 मतों की बढ़त के साथ जीत दर्ज की।
दूसरी ओर, आगरा में मतगणना के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद हुआ। सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अधिकारियों ने मतगणना में देरी को चुनौतीपूर्ण मतों की गिनती से जुड़ा बताया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी नतीजों की घोषणा में देरी पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
बिहार में भी एमएलसी नतीजों पर नजर
बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों और रुझानों में भी राजनीतिक समीकरण दिलचस्प बने हुए हैं। उपलब्ध शुरुआती अपडेट के अनुसार, राजद, भाजपा, जन सुराज और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है, जबकि नीरज की बढ़त भी चर्चा में बनी हुई है।
बिहार में इन नतीजों का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि विभिन्न दल अपने जनाधार और संगठनात्मक ताकत का आकलन कर रहे हैं। हालांकि, सभी सीटों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दलवार प्रदर्शन की पूरी तस्वीर सामने आएगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की कई सीटों पर जीत और वाराणसी में सपा की सफलता ने मुकाबले को बहुआयामी बना दिया है। बिहार में भी नतीजों के अंतिम आंकड़े राजनीतिक दलों के प्रदर्शन की स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे।


