कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद साफ कर दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “ऐसा कोई बॉन्ड नहीं भरा है, जिसमें कहा गया हो कि हम दोबारा प्रदर्शन नहीं करेंगे। हम फिर सड़कों पर उतरेंगे।” दूसरी ओर, दिपके की दादी के निधन की सूचना देने को लेकर उठे विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है।
‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारा अधिकार’
दिपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि सीजेपी ने दोबारा प्रदर्शन नहीं करने का कोई बॉन्ड नहीं भरा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि शांति भंग नहीं करने की शर्त का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा सकता है। सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और नेता आशुतोष रांका ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। रांका के मुताबिक, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा। पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग भी दोहराई।
यह विवाद 10 अक्टूबर को दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन से जुड़ा है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध कर रही है। दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था। रविवार को रिहाई के बाद दिपके महाराष्ट्र स्थित अपने गांव के लिए रवाना हुए।
दादी के निधन की सूचना पर विवाद, पुलिस ने जारी किया वीडियो
अभिजीत दिपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का 85 वर्ष की उम्र में महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में निधन हो गया था। वह लंबे समय से बीमार थीं। दिपके के हिरासत में होने के कारण परिवार की ओर से उनकी अंतिम विदाई में शामिल होने को लेकर चिंता जताई गई। उनकी मां अनीता दिपके ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके बेटे को निधन की सूचना देने के मामले में सही जानकारी नहीं दी। परिवार ने उनके लौटने तक अंतिम संस्कार रोकने की बात भी कही थी
विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया। पुलिस के मुताबिक, दादी के निधन की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने दिपके को इसकी सूचना दी और उनके घर जाने के लिए फ्लाइट, फोन कॉल तथा अन्य जरूरी सहायता देने की पेशकश की। पुलिस ने यह भी दावा किया कि दिपके से उनके माता-पिता से बात करने के बारे में पूछा गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि दिपके को अंतिम संस्कार के निर्धारित समय की जानकारी भी दी गई थी और घर पहुंचने में मदद की पेशकश की गई थी। पुलिस का कहना है कि उन्होंने यह सहायता लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, इस मामले में पुलिस और दिपके के परिवार के दावों में अंतर सामने आया है।


