महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। शिवसेना नेता रामदास कदम ने भाजपा के कुछ नेताओं पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल को इस कथित रणनीति में मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
कदम ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। विवाद की जड़ मनोज जरांगे पाटिल की ओर से जारी एक कथित ऑडियो क्लिप है, जिसमें 500 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ऑडियो क्लिप से कैसे बढ़ा विवाद?
मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे पाटिल ने हाल ही में एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की थी। उनका दावा है कि इसमें कथित तौर पर कुछ लोग 500 करोड़ रुपये के भुगतान पर चर्चा कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि यह रकम एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे तक पहुंचाई गई थी।
जरांगे ने आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने के लिए यह कथित योजना बनाई गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की जांच कराने की मांग भी की।
दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे ने 500 करोड़ रुपये देने या लेने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने जरांगे से सवाल किया कि वह किस आधार पर ऐसे दावे कर रहे हैं और उनसे संबंधित अधिकारियों के सामने सबूत पेश करने को कहा।
रामदास कदम ने भाजपा नेताओं पर उठाए सवाल
रामदास कदम ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता शिंदे की राजनीतिक ताकत से असहज हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब शिंदे ने भाजपा के साथ गठबंधन में भरोसा जताया है, तो उनके खिलाफ ऐसी कथित गतिविधियां क्यों हो रही हैं।
कदम ने भाजपा के विधान परिषद सदस्यों प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड के नामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने जरांगे और कुछ भाजपा नेताओं की मुलाकातों से जुड़ी तस्वीरें दिखाते हुए सवाल उठाया कि क्या इन संपर्कों का मौजूदा विवाद से कोई संबंध है। हालांकि, इन मुलाकातों से किसी साजिश में शामिल होने का निष्कर्ष अपने आप नहीं निकाला जा सकता।
कदम ने जरांगे पर मराठा समुदाय को गुमराह करने और समुदायों के बीच मतभेद बढ़ाने के आरोप भी लगाए। ये आरोप फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फडणवीस ने दिए फॉरेंसिक जांच के आदेश
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑडियो क्लिप की विस्तृत और फॉरेंसिक जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि करीब ढाई साल पुरानी बताई जा रही रिकॉर्डिंग अब सामने क्यों आई, इसके पीछे किसका उद्देश्य है और क्या इसके जरिए किसी नेता को निशाना बनाया जा रहा है।
भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने रामदास कदम के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि बिना सबूत पार्टी और उसके नेताओं पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सहयोगी दल के नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी में संयम बरतने की सलाह भी दी।
जरांगे पाटिल ने भी उठाए सवाल
मनोज जरांगे पाटिल ने रामदास कदम के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऑडियो क्लिप सार्वजनिक करके उन्होंने कथित साजिश की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की और कहा कि सूचना देने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि रिकॉर्डिंग के स्रोत का खुलासा करना फिलहाल उचित नहीं होगा।
इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शामिल भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेदों को सामने ला दिया है। अब फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ऑडियो क्लिप असली है या नहीं और उसमें किए गए दावों का कोई ठोस आधार है या नहीं। जांच के निष्कर्ष आने तक 500 करोड़ रुपये के कथित भुगतान और राजनीतिक साजिश से जुड़े आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।


