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    भ्रष्टाचार रोधी संगठन GRECO से अमेरिका बाहर, रूस-बेलारूस भी छोड़ चुके, यह है वजह?

    डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय संस्थाओं से दूरी बनाने की अपनी नीति के तहत यूरोप के प्रमुख भ्रष्टाचार रोधी संगठन GRECO (Group of States against Corruption) से अमेरिका को बाहर कर लिया है। अमेरिका ने सोमवार को यूरोप की परिषद को औपचारिक रूप से अपने फैसले की सूचना दी। इसके साथ ही अमेरिका GRECO छोड़ने वाला तीसरा देश बन गया है। इससे पहले रूस और बेलारूस इस संगठन से अलग हो चुके हैं।

    क्या है GRECO?

    GRECO की स्थापना 1999 में यूरोप की परिषद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सदस्य देशों की नीतियों और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए की थी। इसका उद्देश्य सदस्य देशों को भ्रष्टाचार रोकने के लिए तय मानकों के पालन का आकलन करना और सुधारों को बढ़ावा देना है। इसकी सदस्यता केवल यूरोपीय संघ के देशों तक सीमित नहीं है। अमेरिका 2000 में इस संगठन में शामिल हुआ था।

    यूरोप की परिषद के मुताबिक अमेरिका ने संगठन के काम में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। परिषद ने कहा कि वह भविष्य में भ्रष्टाचार की रोकथाम, ईमानदारी मजबूत करने और कानून के शासन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका के साथ सहयोग फिर शुरू करने के लिए तैयार है।

    अमेरिका ने क्यों लिया फैसला?

    अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि GRECO की सदस्यता के लिए अमेरिका को हर साल आर्थिक योगदान देना पड़ता है, लेकिन इससे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को पर्याप्त प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिलता। विभाग ने यह भी कहा कि अमेरिका अब भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अधिक लक्षित उपायों, जैसे वीजा प्रतिबंध, प्रतिबंधों और लक्षित विदेशी सहायता पर ध्यान देगा।

    यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक नीति के बीच आया है, जिसके तहत अमेरिका कई अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय संस्थाओं से अपनी भागीदारी कम कर रहा है। प्रशासन ने कुछ संगठनों पर अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ने, अप्रभावी होने या अमेरिकी नीतियों के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया है।

    रूस और बेलारूस कब हुए अलग?

    GRECO के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार रूस 1 जुलाई 2023 से संगठन का सदस्य नहीं रहा। रूस ने यूरोप की परिषद के भ्रष्टाचार संबंधी आपराधिक कानून सम्मेलन से बाहर निकलने के बाद GRECO की सदस्यता भी छोड़ दी थी। वहीं बेलारूस ने 1 मई 2024 को GRECO की सदस्यता समाप्त कर दी।

    इस तरह अमेरिका के बाहर होने के बाद GRECO छोड़ने वाले देशों की संख्या तीन हो गई है।

    पहले भी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से दूरी

    अमेरिका इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से हटने की प्रक्रिया अपना चुका है। जनवरी 2026 में उसने यूरोप की परिषद की वेनिस कमीशन से भी अलग होने का फैसला किया था। GRECO से बाहर निकलना इसी व्यापक बदलाव की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

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