वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक जड़कर अपनी शानदार वापसी का ऐलान किया। अय्यर ने महज 43 गेंदों में 102 रन की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल रहे। खास बात यह है कि इस शतक के पीछे पूर्व भारतीय क्रिकेटर और उनके पुराने दोस्त अभिषेक नायर की सलाह का बड़ा योगदान रहा।
अय्यर ने मुकाबले के बाद बताया कि एशियन गेम्स के दौरान जापान में उनकी नायर से बातचीत हुई थी। इसके बाद मुंबई लौटने पर दोनों ने बल्लेबाजी को लेकर विस्तार से चर्चा की। नायर खुद अय्यर की बल्लेबाजी को लंबे समय से करीब से देखते रहे हैं। इस बातचीत में अय्यर की तकनीक में कुछ छोटे लेकिन अहम बदलाव किए गए, जिनका असर मैदान पर उनकी पारी में साफ दिखाई दिया।
लगातार खराब दौर से गुजर रहे थे अय्यर
इस शतकीय पारी से पहले अय्यर के बल्ले से लगातार रन नहीं निकल रहे थे। इंग्लैंड के खिलाफ 80 रन बनाने के बाद वह लगातार 10 पारियों में 30 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके थे। जापान में एशियन गेम्स के दौरान मुश्किल पिचों पर भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा। ऐसे समय में उन्हें अपनी बल्लेबाजी के तकनीकी पहलुओं पर दोबारा काम करने की जरूरत महसूस हुई।
इसी दौरान नायर के साथ हुई बातचीत ने अय्यर को अपनी बल्लेबाजी पर नए सिरे से काम करने का मौका दिया। दोनों ने मुंबई में करीब दो घंटे तक बल्लेबाजी तकनीक पर चर्चा की।
ग्रिप और बैकलिफ्ट में किया बदलाव
अभिषेक नायर ने बताया कि अय्यर को उस समय महसूस हो रहा था कि वह पहले की तरह लंबे छक्के नहीं लगा पा रहे हैं। इसलिए दोनों ने उनकी बल्लेबाजी के कुछ तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया। नायर के मुताबिक, उन्होंने अय्यर की ग्रिप और बैकलिफ्ट में थोड़ा बदलाव किया।
ये बदलाव बहुत बड़े नहीं थे, लेकिन इनसे अय्यर का आत्मविश्वास लौटने में मदद मिली। खासकर लंबे छक्के लगाने को लेकर जो संदेह उनके मन में आया था, वह कम हुआ। इसके बाद पहले टी20 में उन्होंने खुलकर अपने शॉट खेले और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
अय्यर ने बताया क्या बदला
शतक लगाने के बाद बीसीसीआई के एक वीडियो में अय्यर ने भी नायर के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स के दौरान हुई बातचीत उनके लिए काफी मददगार रही। अय्यर ने अपनी बल्लेबाजी में सबसे अहम बात गेंद फेंके जाने से पहले खुद को तैयार रखना बताया। उनके अनुसार, पारी की शुरुआत में गति और लय हासिल करना महत्वपूर्ण था और यह तरीका उनके लिए काम कर गया।
कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी असर
श्रेयस अय्यर की यह पारी ऐसे समय आई है, जब वह भारतीय टी20 टीम की कप्तानी भी कर रहे हैं। कप्तान बनने के बाद 17 पारियों में उनके नाम 39.30 के औसत और 149 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 511 रन दर्ज हैं। इनमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं।
अय्यर के लिए यह शतक सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रहा, बल्कि लंबे समय से चल रही तकनीकी और फॉर्म से जुड़ी परेशानियों के बीच आत्मविश्वास लौटने का संकेत भी है। नायर के साथ महज दो घंटे की तकनीकी चर्चा में किए गए छोटे बदलावों ने उनकी बल्लेबाजी में बड़ा फर्क पैदा कर दिया।


