पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सोमवार को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हवाई हमले किए। अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। पाकिस्तान की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जबकि तालिबान ने हमलों की निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कुनार और पक्तिका में हुए हमले
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में कई ठिकानों को निशाना बनाया। कुनार के नुरगल जिले में एक घर पर हमला हुआ, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की जानकारी सामने आई है। तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के अनुसार, हमले में चार अन्य लोग घायल हुए। पक्तिका के बरमल जिले में भी दो स्थानों पर बमबारी की सूचना है। वहां एक दुकान और एक खाली घर क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पाकिस्तान के सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि हमलों में कथित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुछ रिपोर्टों में इन ठिकानों को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) से जुड़े तत्वों से संबंधित बताया गया है। हालांकि, इन दावों और हताहतों की संख्या की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
तालिबान ने दी जवाब की चेतावनी
तालिबान ने पाकिस्तान की कार्रवाई को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगान क्षेत्र पर इस तरह के हमलों को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
इससे पहले भी तालिबान ने चेतावनी दी थी कि यदि पाकिस्तान अफगान क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई करता है तो अफगानिस्तान अपने क्षेत्र की रक्षा करने का अधिकार रखता है। दोनों देशों के बीच सीमा पर हाल के दिनों में गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
दोनों देशों के रिश्तों में तनाव का प्रमुख कारण पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी गतिविधियां हैं। इस्लामाबाद का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के लड़ाके अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों से पाकिस्तान के भीतर हमलों को अंजाम देते हैं। पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार से इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।
दूसरी ओर, अफगान तालिबान पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद उसकी अपनी आंतरिक समस्या है। इसी मुद्दे ने दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव को लगातार बढ़ाया है।
फिर आमने-सामने आए दोनों देश
सोमवार की एयरस्ट्राइक ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच करीब तीन महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद तनाव दोबारा बढ़ा है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में पुलिस परिसर पर हुए हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में मौजूद कथित आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
अब तालिबान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका है। दोनों देशों के बीच पहले भी गंभीर सैन्य झड़पें हो चुकी हैं। ऐसे में ताजा एयरस्ट्राइक क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के बीच चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के लिए नई चुनौती बन सकती है।


