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21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय, नारी शक्ति वंदन कानून पर बोले PM मोदी

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष गरिमामयी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश की प्रगति को रेखांकित किया। नारी शक्ति वंदन कानून के प्रभावी होने के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इसे 21वीं सदी के भारत के सबसे क्रांतिकारी निर्णयों में से एक बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह कानून केवल प्रतिनिधित्व का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक मील का पत्थर है। इस कानून के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित हुई है, जो भविष्य के नीति-निर्माण में महिलाओं के दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान करेगी। पीएम ने कहा कि यह कानून न केवल संवैधानिक बदलाव लाया है, बल्कि समाज में महिलाओं की क्षमता के प्रति एक नया विश्वास भी पैदा किया है।

‘नारी शक्ति’ से ‘राष्ट्र शक्ति’ तक का सफर

पीएम मोदी ने विज्ञान भवन में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को गिनाया।

  • स्पेस से डिफेंस तक: उन्होंने उल्लेख किया कि आज भारत की बेटियां फाइटर जेट उड़ाने से लेकर अंतरिक्ष मिशनों (Artemis-2 और चंद्रयान) का नेतृत्व करने तक हर मोर्चे पर आगे हैं।
  • आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्वयं सहायता समूहों और मुद्रा योजना के जरिए करोड़ों महिलाएं आज उद्यमी बन रही हैं, जिससे ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था बदल रही है।

विपक्ष पर निशाना और भविष्य की राह

प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि दशकों से जो काम लटका हुआ था, उसे आज की इच्छाशक्ति ने पूरा कर दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश की आधी आबादी को समान अवसर और सम्मान मिलेगा।


“नारी शक्ति वंदन कानून किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का संकल्प है। यह कानून बेटियों के लिए बंद दरवाजों को खोलने की चाबी है।” — पीएम मोदी

विज्ञान भवन में हुए इस आयोजन ने यह संदेश साफ कर दिया है कि सरकार आगामी चुनावों और शासन की प्रक्रियाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम के अंत में पीएम ने देशभर की महिलाओं से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के निर्माण में अपना नेतृत्व प्रदान करें।

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