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क्या भारत समेत दुनिया में महंगाई बढ़ेगी?वेनेजुएला पर अमेरिकी के कब्जे का जानें असर

वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है। भारत के संदर्भ में इसका प्रभाव मिला-जुला रहने की उम्मीद है। ​महंगाई का सीधा संबंध कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों से है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक रूप से तेल की कीमतों में $5 से $10 प्रति बैरल का उछाल आ सकता है।

  • ​पेट्रोल-डीजल के दाम: यदि वैश्विक बाजार में तेल $65/बैरल के पार जाता है, तो भारत में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा। इससे परिवहन लागत महंगी होगी, जिसका असर फल-सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।
  • ​ब्याज दरें: महंगाई बढ़ने के डर से रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती का इंतजार लंबा हो सकता है।

​भारत के व्यापार पर असर

​भारत और वेनेजुएला के व्यापारिक संबंध मुख्य रूप से ऊर्जा क्षेत्र पर टिके हैं।

  1. ​कच्चा तेल: भारत वेनेजुएला के तेल का एक बड़ा खरीदार रहा है। अमेरिकी हमलों और नौसैनिक नाकेबंदी (Blockade) के कारण वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। हालांकि, पूर्व राजदूत आर. विश्वनाथन के अनुसार, भारत पूरी तरह वेनेजुएला पर निर्भर नहीं है, इसलिए संकट गंभीर नहीं होगा।
  2. ​ONGC का निवेश: वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) का बड़ा निवेश है। युद्ध जैसी स्थिति से इन संपत्तियों और वहां से होने वाली आय पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
  3. ​शेयर बाजार और धातुएं: सोमवार को बाजार खुलने पर सोने, चांदी और तांबे की कीमतों में तेजी आने का अनुमान है। निवेशकों के बीच घबराहट (Panic) से शेयर बाजार में अस्थिरता देखी जा सकती है।

​मुख्य निष्कर्ष

​हालांकि अमेरिका ने वेनेजुएला के मुख्य तेल बुनियादी ढांचे को सीधे निशाना नहीं बनाया है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता “रिस्क प्रीमियम” बढ़ाएगी। भारत के लिए चुनौती अपने ऊर्जा स्रोतों को सुरक्षित रखने और घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने की होगी।

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