चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर अमेरिका पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन पहुंचने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर स्वागत किया। अमेरिकी राष्ट्रपति का किसी विदेशी नेता के एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर स्वागत करना सामान्य प्रोटोकॉल से अलग माना जा रहा है।
एयरपोर्ट पर ट्रंप-मेलानिया ने किया स्वागत
जिनपिंग का विमान बुधवार को मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचा। विमान से उतरने के बाद ट्रंप और मेलानिया ने जिनपिंग तथा पेंग लियुआन से मुलाकात की। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों और उनकी पत्नियों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। इसके बाद सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए।
यह स्वागत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी नेताओं की अगवानी व्हाइट हाउस में करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एयरपोर्ट पर इस तरह स्वागत को दोनों देशों के बीच बातचीत को सकारात्मक माहौल में शुरू करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पत्नी पेंग लियुआन भी दौरे पर
शी जिनपिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी अमेरिका पहुंची हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिनपिंग के प्रतिनिधिमंडल में पेंग लियुआन के अलावा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता काई छी और विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं।
अमेरिका में जिनपिंग के दौरे के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच कई कार्यक्रम होंगे। गुरुवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद ट्रंप और जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होगी। शाम को ट्रंप और मेलानिया चीनी राष्ट्रपति और पेंग लियुआन के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
व्यापार से लेकर ताइवान और एआई तक कई मुद्दे
ट्रंप-जिनपिंग बैठक में अमेरिका-चीन व्यापार संबंध सबसे अहम मुद्दों में शामिल रहने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार समझौते को लेकर भी चर्चा हो रही है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ताइवान की सुरक्षा, दुर्लभ खनिजों और सैन्य संबंधों जैसे मुद्दे भी वार्ता के एजेंडे में रहने की संभावना है। दोनों देश एआई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ इससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर भी बातचीत कर रहे हैं।
जिनपिंग बोले- अमेरिका से रिश्ते साझेदारी वाले हों
अमेरिका पहुंचने के बाद जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार होना चाहिए। यह संदेश ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। जिनपिंग का अमेरिका दौरा 25 सितंबर तक चलेगा। अंतिम दिन दोनों राष्ट्रपति और उनकी पत्नियां व्हाइट हाउस में चाय के कार्यक्रम में शामिल होंगी और इसके बाद नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगी।


