नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन’ का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के आध्यात्मिक और वैचारिक विकास में चिन्मय मिशन के योगदान की सराहना की और अपने संबोधन में देश के युवाओं तथा भविष्य की विकास नीतियों पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत की नीतियां और निर्णय सीधे तौर पर देश की युवा शक्ति को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना, उन्हें नए अवसर प्रदान करना और उनकी ऊर्जा को देश के विकास में सही दिशा देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा अपनी मेधा, कौशल और आधुनिक सोच के दम पर दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं, इसलिए आधुनिक सुधारों और योजनाओं के केंद्र में हमेशा युवा पीढ़ी को रखा गया है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का महत्व
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने चिन्मय मिशन के महान आदर्शों को याद करते हुए कहा कि अध्यात्म और आधुनिकता का संतुलन ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है। उन्होंने स्वामी चिन्मय के विचारों और उनके द्वारा समाज सेवा व शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे वैश्विक सम्मेलन समाज में नैतिक मूल्यों, सकारात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।


