महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दशहरा रैली में दावा किया कि एकनाथ शिंदे दोबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने शिंदे के नेतृत्व, जनकल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक फैसलों की तारीफ करते हुए कहा कि इन्हीं निर्णयों ने पार्टी के विधायकों की राजनीतिक स्थिति मजबूत की और सरकार को बचाने में अहम भूमिका निभाई।
‘उनके फैसलों से विधायक और मंत्री बने’
गुलाबराव पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि एकनाथ शिंदे के फैसलों की वजह से ही पार्टी के विधायक और मंत्री अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत कर पाए। उन्होंने कहा कि अगर शिंदे ने समय पर जरूरी निर्णय नहीं लिए होते, तो विधायकों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं और सरकार भी संकट में पड़ सकती थी।
पाटिल ने महिलाओं के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं, लड़कियों की मुफ्त शिक्षा और पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के लिए उपलब्ध कराए गए फंड का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इन फैसलों से आम लोगों के बीच शिंदे की छवि मजबूत हुई और जनता को लगा कि सरकार उनकी जरूरतों पर ध्यान दे रही है।
दशहरा रैली में पाटिल ने एकनाथ शिंदे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने को लेकर विश्वास जताया। उन्होंने देवी जगदंबा के चरणों में प्रार्थना करने का जिक्र करते हुए कहा कि शिंदे फिर से राज्य की कमान संभालें और किसानों के जीवन में खुशहाली लाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जो कोई एकनाथ शिंदे के रास्ते में आएगा, उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों और महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
शिवसेना की नजर 2029 के विधानसभा चुनाव पर
महाराष्ट्र में फिलहाल देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं, जबकि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में शिंदे गुट के नेताओं की ओर से उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की मांग राजनीतिक चर्चा का विषय बन रही है।
शिवसेना के नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की ताकत बढ़ाने और ज्यादा सीटें जीतने की जरूरत पर जोर दिया है। पार्टी के भीतर शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताने वाले बयानों से यह संकेत मिलता है कि नेतृत्व और सत्ता में हिस्सेदारी का मुद्दा आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
किसानों के मुद्दे पर भी दिया जोर
पाटिल ने किसानों की समस्याओं और जल संरक्षण के महत्व पर भी बात की। उन्होंने पार्टी के विधायकों और सांसदों से अपने क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए उपलब्ध निधि का इस्तेमाल करने तथा नालों को गहरा करने जैसे कार्यों पर ध्यान देने की अपील की।
दशहरा रैली में शिंदे के नेतृत्व की तारीफ और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, शिंदे की भविष्य की भूमिका का फैसला गठबंधन की रणनीति, चुनावी परिणामों और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल पाटिल का बयान शिवसेना (शिंदे गुट) की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को सामने रखता है।


