देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, बिहार में भारी बारिश से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बदलते मौसम ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।
बिहार में बारिश से फसलों को नुकसान
बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा होने की जानकारी सामने आई है। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। अक्टूबर में हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खेतों में तैयार हो रही फसलों पर अतिरिक्त पानी का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में 11 अक्टूबर को भी कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 अक्टूबर के आसपास फिर वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बादलों की आवाजाही और वातावरण में नमी के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने का अनुमान है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खेतों में जल निकासी और फसलों की सुरक्षा के उपाय करें।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, तापमान में गिरावट
हिमाचल प्रदेश के मनाली और ऊझी घाटी में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है। रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा, बारालाचा और शिंकुला जैसे ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरने से ठंड बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल में 16 अक्टूबर तक मौसम खराब रह सकता है। खासकर 13 और 14 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और खराब मौसम को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश और बर्फबारी से तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने की संभावना भी जताई गई है।
उत्तराखंड में आदि कैलाश पर हिमपात, केदारनाथ यात्रा प्रभावित
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में ताजा बर्फबारी हुई है। यहां तापमान शून्य से दो से तीन डिग्री नीचे पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी और बादलों के कारण यात्रियों को कई बार आदि कैलाश के दर्शन करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
दूसरी ओर, रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा क्षेत्र में मलबा और पत्थर गिरने से शनिवार सुबह छह बजे से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा को देखते हुए गौरीकुंड और सोनप्रयाग में भी यात्रियों को रोका गया। मार्ग से मलबा हटाए जाने के बाद आवाजाही दोबारा शुरू कर दी गई।
दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 अक्टूबर तक रुक-रुककर हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश तथा बर्फबारी का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका के बीच लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम में इस बदलाव का असर खेती, सड़क यातायात और पहाड़ी पर्यटन पर पड़ सकता है। बिहार में किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करने चाहिए। वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड जाने वाले पर्यटकों तथा तीर्थयात्रियों को पहाड़ी सड़कों की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी देखकर ही यात्रा करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, 16 अक्टूबर तक देश के कई हिस्सों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियों में अंतर हो सकता है। इसलिए लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान और जिला प्रशासन की चेतावनियों के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।


