HomeHindi NewsPoK में पाकिस्तानी सेना की दरिंदगी, फायरिंग में 7 की मौत, प्रदर्शनकारियों...

PoK में पाकिस्तानी सेना की दरिंदगी, फायरिंग में 7 की मौत, प्रदर्शनकारियों ने कहा-वर्दी वाले दहशतगर्द

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और कथित ड्रोन हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 18 से 23 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना और सुरक्षाबलों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ‘वर्दी वाले दहशतगर्द’ बताया।

रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आरोप

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पांच नवंबर की सुबह पाकिस्तानी रेंजर्स, फ्रंटियर कोर और स्थानीय पुलिस ने रावलाकोट में प्रदर्शन स्थलों की ओर कार्रवाई शुरू की। यह अभियान सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ। यहां बड़ी संख्या में लोग कई महीनों से धरना दे रहे थे।

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और आसपास के इलाकों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया। संगठन के अनुसार, कार्रवाई में भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि, घटना को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में हताहतों की संख्या में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में सात लोगों की मौत और 23 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

ड्रोन और मोर्टार हमलों के भी आरोप

प्रदर्शनकारी संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर ड्रोन और मोर्टार से हमले करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि प्रदर्शन स्थलों के साथ रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया।

UKPNP के मुताबिक, मटियालमेरा बस टर्मिनल के पास शकील खान का घर कथित ड्रोन हमले के बाद आग लगने से क्षतिग्रस्त हो गया। संगठन ने एक अन्य घटना में चार बच्चों की मौत की आशंका जताई है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कथित हमलों के बाद मिले मलबे और विस्फोटक के टुकड़ों को दिखाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।

क्यों भड़का PoK में विरोध?

PoK में जारी आंदोलन के पीछे राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक अधिकार, महंगाई, बिजली की कीमतों और आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे बताए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) इन मांगों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रही है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने पहले आंदोलन से जुड़े लोगों पर हिंसा और सुरक्षाबलों पर हमले करने के आरोप लगाए हैं। इसी टकराव ने क्षेत्र में तनाव बढ़ाया है।

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग

UKPNP ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। संगठन ने कथित हत्याओं, ड्रोन हमलों और नागरिकों के घायल होने की घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग गंभीर चिंता का विषय है। दूसरी ओर, क्षेत्र में संचार प्रतिबंधों और अलग-अलग दावों के कारण घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल बनी हुई है।

PoK में बढ़ता तनाव पाकिस्तान के लिए एक नई चुनौती बन गया है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हिंसा रोकी जाए, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाए।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments