वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बनाए, जबकि कैरेबियाई गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख अपनी टीम की ओर मोड़ दिया। मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार की वजह बताई और माना कि टीम गेंदबाजी में अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी।
गेंदबाजी में कहां हुई चूक?
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने साफ कहा कि भारतीय टीम की हार की शुरुआत गेंदबाजी से हुई। गेंदबाज सही लाइन और लेंथ पर गेंद डालने में नाकाम रहे, जिसका फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उठाया। अय्यर के मुताबिक, इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजों को एक खास रणनीति के तहत आगे बढ़ना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक रवैया उन्हें पसंद आया, लेकिन गेंदबाजी में योजनाओं को लागू नहीं कर पाने के कारण टीम मुकाबले में पिछड़ गई। अय्यर ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की तारीफ करते हुए माना कि उन्होंने परिस्थितियों और फील्डिंग का बेहतर इस्तेमाल किया।
शाई होप के शतक से वेस्टइंडीज ने बनाए 247 रन
हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। वहीं, शेरफेन रदरफोर्ड ने 26 गेंदों में नाबाद 49 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी पर दबाव बनाए रखा और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
भारतीय गेंदबाज रन गति पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। बड़े स्कोर के कारण भारत के सामने शुरुआत से ही कठिन चुनौती थी। टीम को लक्ष्य हासिल करने के लिए तेज रन बनाने के साथ विकेट भी बचाए रखने थे।
संजू सैमसन की तूफानी पारी भी नहीं आई काम
248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को संजू सैमसन ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने 23 गेंदों में 56 रन बनाए। हालांकि, कीमो पॉल ने सैमसन और ईशान किशन को आउट कर भारत को दोहरा झटका दिया। इसके बाद गुडाकेश मोती ने अभिषेक शर्मा और नमन धीर को पवेलियन भेजकर भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा दिया।
एक समय भारत का स्कोर 132 रन पर पांच विकेट हो गया था। इसके बाद तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 43 रन और नितीश कुमार रेड्डी ने 20 गेंदों में 41 रन बनाकर उम्मीदें जगाईं। दोनों के बीच तेज साझेदारी हुई, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कीमो पॉल ने 41 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। भारतीय टीम 223 रन पर सिमट गई।
अभिषेक शर्मा की शुरुआत पर क्या बोले कप्तान?
श्रेयस अय्यर से पूछा गया कि शुरुआत में अभिषेक शर्मा को स्ट्राइक कम मिलने से क्या टीम की बल्लेबाजी प्रभावित हुई। इस पर उन्होंने कहा कि उस समय भारत लगभग 12 रन प्रति ओवर की गति से आगे बढ़ रहा था। इसलिए इसे खराब शुरुआत का कारण नहीं माना जा सकता।
उन्होंने यह भी माना कि बीच के ओवरों में पिच थोड़ी धीमी हो गई थी और गेंद में अतिरिक्त उछाल देखने को मिला। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने इन परिस्थितियों का फायदा उठाया और सही समय पर विकेट हासिल किए।
अब सीरीज का पांचवां और निर्णायक मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम होगा। भारतीय टीम की नजरें अपनी गलतियों को सुधारने और गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन करने पर रहेंगी। सीरीज जीतने के लिए भारत को बल्लेबाजी के आक्रामक अंदाज के साथ गेंदबाजी में भी अनुशासन दिखाना होगा।


