एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट सेमीफाइनल में भारत ने श्रीलंका के सामने 170 रन का लक्ष्य रखा है। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जा रहे मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और उसके कई प्रमुख बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए। हालांकि वैभव सूर्यवंशी की तेज शुरुआत और इसके बाद ईशान किशन की आक्रामक पारी ने भारत को संभाल लिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 169 रन बनाए, जिससे श्रीलंका को जीत के लिए 170 रन बनाने होंगे।
वैभव ने आते ही बरसाए चौके-छक्के
भारत की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने की। अभिषेक ज्यादा देर नहीं टिक सके और 7 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद संजू सैमसन भी 7 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। हालांकि वैभव सूर्यवंशी ने तेजी से रन बनाते हुए दबाव कम किया। उन्होंने सिर्फ 21 गेंदों में 38 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे।
सूर्यवंशी के आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। वह 13 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद अक्षर पटेल ने 8 और तिलक वर्मा ने सिर्फ 2 रन बनाए। इस तरह भारत के शीर्ष और मध्यक्रम के कई बल्लेबाज श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए।
ईशान किशन ने संभाली पारी
एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद ईशान किशन ने आक्रामक अंदाज जारी रखा। उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में तेजी से रन बनाए और अपना अर्धशतक पूरा किया। ईशान अंत तक बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाकर भारत के सबसे बड़े स्कोरर रहे। उनकी पारी ने भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
ईशान की पारी खास इसलिए भी रही क्योंकि भारत ने शुरुआती चरण में ही कई महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर रन गति बनाए रखी।
ये छह बल्लेबाज रहे फेल
भारत की पारी में अभिषेक शर्मा (7), संजू सैमसन (7), श्रेयस अय्यर (13), अक्षर पटेल (8), तिलक वर्मा (2) और वैभव सूर्यवंशी के 38 रन पर आउट होने के बाद टीम का मध्यक्रम ज्यादा योगदान नहीं दे सका। इन शुरुआती झटकों के बीच ईशान किशन की 80 रन की पारी सबसे बड़ा सहारा बनी।
श्रीलंका के सामने 170 रन की चुनौती
भारत ने 20 ओवर में 169 रन बनाकर श्रीलंका को 170 रन का लक्ष्य दिया है। अब श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की चुनौती होगी, जिसमें जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज शामिल हैं। इस मुकाबले की विजेता टीम एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिए पाकिस्तान से भिड़ेगी। पाकिस्तान पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराकर फाइनल में पहुंच चुका है।


