हरियाणा के रोहतक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। एक नवंबर को भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन हारते ही उसे वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ी याद आने लगती है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ, जब दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन एसआईआर और कथित वोट चोरी के विरोध में रैली कर रहा था।
चुनाव हारने पर EVM पर सवाल उठाती है कांग्रेस
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनती है। लेकिन कांग्रेस चुनाव परिणाम अपने पक्ष में नहीं आने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया पर तभी तक भरोसा रहता है, जब तक नतीजे उसके पक्ष में आते हैं। चुनाव जीतने पर ईवीएम ठीक होती है और हारने पर वोट चोरी का मुद्दा उठाया जाता है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखा है, लेकिन पार्टी अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनावी व्यवस्था पर आरोप लगा रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर है और पार्टी में एक परिवार का प्रभाव बना हुआ है।
1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उठाया मुद्दा
नितिन नवीन ने अपने भाषण में 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि हरियाणा दिवस के अवसर पर पार्टी को दंगों में मारे गए लोगों को याद करना चाहिए था और पीड़ित परिवारों से माफी मांगनी चाहिए थी।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए पुराने सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की बात करने से पहले कांग्रेस को अपने इतिहास और संगठन के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
छोटूराम पॉलिटेक्निक से डी-पार्क तक निकली पदयात्रा
भाजपा की यह पदयात्रा रोहतक के छोटूराम पॉलिटेक्निक मैदान से शुरू हुई। इसका समापन मॉडल टाउन स्थित डी-पार्क में हुआ। नितिन नवीन विशेष रूप से सजाई गई खुली जीप में सवार होकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी भी निर्धारित थी। रोहतक को इस कार्यक्रम के लिए चुनना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रभाव क्षेत्र है।
दिल्ली की रैली के जवाब में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
भाजपा की पदयात्रा उसी दिन आयोजित हुई, जब राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेता दिल्ली के रामलीला मैदान में एसआईआर और कथित वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। पार्टी चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगा रही है।
हरियाणा की राजनीति में तेज हुई बयानबाजी
रोहतक में नितिन नवीन का भाषण भाजपा के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके जरिए पार्टी हरियाणा के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देना चाहती है। पांच नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करनाल में पदयात्रा में शामिल होने का भी कार्यक्रम है। इस तरह एसआईआर, ईवीएम और वोट चोरी का मुद्दा अब केवल चुनाव आयोग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख विषय बन गया है।


