उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो चर्चित हत्याकांडों में मृत्युदंड की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी और रविता का मामला लगातार चर्चा में है। इसी बीच मीरा राठौर ने दोनों को फांसी दिए जाने की स्थिति में जल्लाद की भूमिका निभाने की इच्छा जताते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उनके इस कदम के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
मुस्कान और रविता को अलग-अलग मामलों में अपने पतियों की हत्या के लिए अदालत से मृत्युदंड मिला है। मुस्कान पर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला था। वहीं, रविता को अपने पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में उसके प्रेमी अमरदीप के साथ दोषी ठहराया गया है।
डीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
मीरा राठौर ने दोनों दोषियों को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की पेशकश की है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि, उनकी इस पेशकश पर प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। केवल प्रार्थना पत्र सौंपे जाने से यह तय नहीं होता कि उन्हें फांसी देने की जिम्मेदारी मिल जाएगी। इसके लिए संबंधित नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा।
दोनों मामलों में हाईकोर्ट में अपील
मुस्कान और रविता को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अब दोनों मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, चारों दोषियों मुस्कान, साहिल, रविता और अमरदीप ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है। अब उनकी सजा पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
मुस्कान को अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसके साथी साहिल शुक्ला के साथ मृत्युदंड मिला है। वहीं, अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप को यह सजा सुनाई गई है।
अभी फांसी की तारीख तय नहीं
मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद भी दोषियों को तुरंत फांसी नहीं दी जा सकती। इसके लिए हाईकोर्ट से सजा की पुष्टि और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है।
मीरा राठौर की पेशकश के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन उनके प्रार्थना पत्र पर क्या रुख अपनाता है। फिलहाल, उनकी ओर से जल्लाद बनने की इच्छा जताए जाने और वास्तव में यह जिम्मेदारी मिलने के बीच अंतर है। अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों और लागू नियमों के अनुसार ही लिया जा सकता है।
मीरा राठौर कौन हैं?
- पहचान: हिंदूवादी कार्यकर्ता और नेत्री।
- संगठन: अखिल भारत हिंदू महासभा।
- चर्चा में क्यों रहीं: वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ कानूनी शिकायत करने के कारण।
- अन्य गतिविधियां: ताजमहल और शाही ईदगाह से जुड़े धार्मिक मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शनों में शामिल रही हैं।


