नवंबर की शुरुआत देश के कई हिस्सों में खराब मौसम के साथ होने जा रही है। बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम तेजी से सक्रिय हो रहा है। चक्रवात अर्नब का असर अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है कि मौसम विभाग ने एक और तूफानी सिस्टम को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। इसके प्रभाव से समुद्र में 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, देश के 13 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर अवदाब में बदल चुका है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके अगले कुछ दिनों में और शक्तिशाली होने की संभावना है। मौसम विभाग ने समुद्री इलाकों में मछुआरों और जहाजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी में 85 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बंगाल की खाड़ी में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी हिस्सों में हवा की गति 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। हवा के झोंके 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम 1 नवंबर को चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद 2 नवंबर को इसके गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर इसके पहुंचने का अनुमान है। आधिकारिक बुलेटिन में तट से टकराते समय 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंकों की आशंका जताई गई है।
इन 13 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
- ओडिशा: कई इलाकों में भारी बारिश, आंधी और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
- आंध्र प्रदेश: तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा है।
- अरुणाचल प्रदेश: कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
- केरल: भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है।
- तेलंगाना: आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है।
- छत्तीसगढ़: कुछ इलाकों में बारिश और वज्रपात हो सकता है।
- मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की संभावना है।
- कर्नाटक: तटीय और आंतरिक इलाकों में बारिश हो सकती है।
- तमिलनाडु: कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।
- पुडुचेरी: तेज हवाओं और बारिश की संभावना है।
- विदर्भ: कुछ इलाकों में बारिश और बिजली गिर सकती है।
- माहे: भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
- कराईकल: मौसम खराब रहने और बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली-यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 1 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। फिलहाल यहां भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं है। उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा हो सकता है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। समुद्र में जाने वाले मछुआरे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा नया सिस्टम पूर्वी और दक्षिणी भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।


