देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ कम दबाव का क्षेत्र डिप्रेशन में बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इसके अगले कुछ दिनों में शक्तिशाली चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन अलर्ट पर है। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावित ओडिशा दौरा भी खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया गया है। अब उनका दौरा 4 और 5 नवंबर को प्रस्तावित है।
28 अक्टूबर को तट से टकरा सकता है चक्रवात
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद 27 अक्टूबर के आसपास इसके गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। अनुमान है कि यह 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है।
तूफान के तट पार करने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है। हालांकि, तूफान की दिशा और तीव्रता में बदलाव संभव है। इसलिए मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी
संभावित चक्रवात का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। समुद्र में तेज हवाएं चलने और ऊंची लहरें उठने का भी खतरा है।
आंध्र प्रदेश में 26 से 29 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 अक्टूबर को कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में भी प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और समुद्र में मौजूद नौकाओं को सुरक्षित लौटने की सलाह दी गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा स्थगित
चक्रवात की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 28 और 29 अक्टूबर को होने वाला ओडिशा दौरा टाल दिया गया है। राष्ट्रपति को मयूरभंज जिले और रायरंगपुर क्षेत्र में कार्यक्रमों में शामिल होना था। अधिकारियों के अनुसार, अब यह दौरा 4 और 5 नवंबर को निर्धारित किया गया है। यह फैसला प्रतिकूल मौसम के पूर्वानुमान और सुरक्षा संबंधी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
उत्तर भारत में भी बदल सकता है मौसम
बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली के अलावा उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भी मौसम बदलने के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में भी 28 और 29 अक्टूबर को हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अधिकारियों को राहत एवं बचाव व्यवस्था तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में चक्रवात की दिशा और ताकत स्पष्ट होगी। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासन के निर्देशों पर भरोसा करना चाहिए।


