बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर देश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है। देश के 15 राज्यों में हल्की से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात अर्नब 28 अक्तूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी हैं। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर सबसे ज्यादा असर
चक्रवात के संभावित मार्ग को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झोंकों के साथ यह गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है।
ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में भी भारी बारिश की आशंका है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की गई है।
ओडिशा के पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात की आशंका के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने पांच जिलों में 28 और 29 अक्तूबर को शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया है। इनमें गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी शामिल हैं। इन जिलों में स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर छुट्टी रहेगी।
अन्य जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला स्थानीय परिस्थितियों और मौसम की चेतावनी के आधार पर जिलाधिकारी करेंगे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी पूरी रखने और जनहानि रोकने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी बारिश
चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पुडुचेरी में लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी है। तमिलनाडु में भी भारी बारिश के बीच पर्यटक स्थलों पर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई क्षेत्रों में मौसम बदलने का अनुमान है। हालांकि, सभी राज्यों में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी और स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार स्थिति अलग-अलग रह सकती है।
उत्तर भारत में भी मौसम बदलने के संकेत
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं, हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहना जरूरी है।
चक्रवात की दिशा और तीव्रता में बदलाव संभव है। इसलिए लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और संबंधित जिला प्रशासन की ताजा चेतावनियों के आधार पर ही यात्रा तथा अन्य गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।


