पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को लेकर की गई टिप्पणी पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने अंसारी के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब अपनी पुरानी विचारधारा से आगे बढ़कर ‘मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस’ की दिशा में चली गई है। त्रिवेदी ने राहुल गांधी को भी अपने निशाने पर लिया।
हामिद अंसारी ने क्या कहा था?
दरअसल, 18 सितंबर को नई दिल्ली में संविधान विशेषज्ञ और लेखक एजी नूरानी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में हामिद अंसारी ने नूरानी की किताब The RSS: A Menace to India का हवाला दिया। उन्होंने किताब में दर्ज पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की एक टिप्पणी का जिक्र किया। अंसारी के अनुसार, नेहरू ने कहा था कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।
अंसारी ने इसी संदर्भ में नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बीच अंतर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसे रुझान सामने आए हैं जो नागरिक राष्ट्रवाद की स्थापित अवधारणा को चुनौती देते हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ओर बढ़ते हैं। उनके इस बयान के बाद भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया।
सुधांशु त्रिवेदी ने क्यों दी ‘बधाई’?
भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अंसारी ने एक तरह से कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसके लिए वह हामिद अंसारी को ‘बधाई’ देते हैं। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब ‘मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस’ बन गई है और पार्टी का झुकाव ‘अल्ट्रा लेफ्ट’ की तरफ हो गया है। यह भाजपा का राजनीतिक आरोप है, न कि कांग्रेस की ओर से स्वीकार किया गया तथ्य।
त्रिवेदी ने अपने बयान में नेहरू के कथित विचारों और मौजूदा कांग्रेस के रुख के बीच तुलना करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अंसारी के बयान से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस आज भी उसी वैचारिक दिशा में आगे बढ़ रही है।
राहुल गांधी पर भी निशाना
भाजपा ने इस मुद्दे को राहुल गांधी से भी जोड़ दिया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अंसारी की टिप्पणी कांग्रेस के व्यापक राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर हिंदू संगठनों को लेकर आपत्तिजनक रुख अपनाने का आरोप लगाया। इन आरोपों को कांग्रेस की ओर से स्वीकार नहीं किया गया है।
भाजपा के भीतर भी उठे सवाल
अंसारी के बयान पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया लगातार सामने आई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सवाल उठाया कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता की चर्चा करते समय अन्य प्रकार के कट्टरवाद और अलगाववाद पर बात क्यों नहीं की जाती। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंसारी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों को ऐसे पदों की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
इस पूरे विवाद के बीच हामिद अंसारी की टिप्पणी अब कांग्रेस और भाजपा के बीच वैचारिक बहस का नया मुद्दा बन गई है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक दृष्टिकोण के साथ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।


