दिल्ली में 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
‘प्रदर्शन करना हमारा मौलिक अधिकार’
अभिजीत दीपके ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना लोकतंत्र में नागरिकों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए कहा कि सीजेपी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना चाहती है। दीपके ने दावा किया कि सरकार युवाओं और जनता की आवाज से डर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन रोकने के लिए मेट्रो सेवाओं, रेल यातायात और इंटरनेट पर पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार प्रदर्शन से आम लोगों को होने वाली असुविधा की बात करती है, तो परिवहन सेवाओं पर व्यापक प्रतिबंध लगाने से लोगों को परेशानी नहीं होगी क्या? ये दीपके के आरोप और राजनीतिक बयान हैं।
150 लोगों को हिरासत में लेने की खबर
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में जांच अभियान चलाया। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। प्रदर्शन से जुड़े अपडेट में करीब 150 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने का हवाला दिया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे कम समय पहले आवेदन देना, पहले के प्रदर्शन में कथित नियम उल्लंघन और यातायात व सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में हजारों पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील रास्तों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की जांच और सुरक्षा निगरानी बढ़ाई गई है। एहतियात के तौर पर कई मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया और 250 से अधिक ट्रेनों के रद्द होने की खबरें भी सामने आई हैं।
सीजेपी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रही है। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में प्रदर्शन के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।


