दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर पहुंचने के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। इस बीच, रेल सेवाओं, मेट्रो परिचालन और इंटरनेट प्रतिबंधों को लेकर सामने आए दावों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
250 ट्रेनें रद्द, 45 मेट्रो स्टेशन बंद
प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली आने वाली 250 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। इसके अलावा, दिल्ली के आसपास के शहरों से आने वाली दैनिक पैसेंजर ट्रेनों पर भी असर पड़ा है। रेलवे के मुताबिक, 10 अक्तूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली निर्धारित ट्रेनें रद्द रहेंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें।
मेट्रो सेवाओं पर भी व्यापक असर पड़ा है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने पुलिस के अनुरोध पर जनपथ, बाराखंभा रोड, पटेल चौक और राजीव चौक समेत 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया। शुरुआत में 57 स्टेशन बंद करने की बात कही गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह संख्या घटाई गई। इन प्रतिबंधों से राजधानी में यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
45 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में सुरक्षा का व्यापक घेरा बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 45 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान शामिल हैं। केंद्रीय बलों की 221 कंपनियां तैनात करने की योजना बताई गई है, जिनमें लगभग 23 हजार से 26 हजार जवान शामिल होंगे। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के करीब 20 हजार कर्मियों की तैनाती भी की गई है।
दिल्ली की सीमाओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जुड़ने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत की ओर से आने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
इंटरनेट पर रोक, बाजार भी रहेंगे बंद
प्रदर्शन स्थल के आसपास संचार सेवाओं पर भी पाबंदी लगाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में 10 अक्तूबर की रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही कनॉट प्लेस बाजार को बंद रखने की जानकारी दी गई है। स्कूल-कॉलेजों और परीक्षाओं के कार्यक्रमों पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग संस्थानों के लिए लागू व्यवस्थाओं की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक निर्देशों से करना जरूरी है।
पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के लिए आवेदन निर्धारित समय से काफी देर से दिया गया था। पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों का पालन नहीं किए जाने को भी अनुमति नहीं देने की वजह बताया गया है। नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं।
सीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंचने का एलान किया है। एसआईआर प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंच पाते हैं या नहीं और प्रशासन स्थिति को किस तरह नियंत्रित करता है।


