एशियन गेम्स 2026 के 14वें दिन भारत के लिए स्वर्णिम शुरुआत हुई। महिला तीरंदाजी की रिकर्व टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने भी सोना जीत लिया। इसके साथ ही भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 12 और कुल पदकों की संख्या 70 हो गई। भारत के खाते में अब 12 स्वर्ण, 24 रजत और 34 कांस्य पदक हैं।
जन्मदिन पर लवलीना का गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाते हुए महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में उनका सामना चीन की बाओ जियी से हुआ। भारतीय मुक्केबाज ने मुकाबले में शानदार नियंत्रण दिखाया और 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ लवलीना एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि एमसी मैरीकॉम ने 2014 में हासिल की थी। लवलीना ने इससे पहले 2022 एशियन गेम्स में 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था।
फाइनल से पहले लवलीना ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। इस तरह उन्होंने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में फाइनल खेलने का रिकॉर्ड भी बनाया।
तीरंदाजी में भी ऐतिहासिक कामयाबी
लवलीना से पहले अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति शर्मा की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह एशियन गेम्स के इतिहास में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण है। इस जीत से भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 11 हुई थी।
अब हॉकी और कुश्ती पर नजर
भारत के लिए दिन अभी खत्म नहीं हुआ है। महिला हॉकी टीम स्वर्ण पदक मुकाबले में चीन के खिलाफ उतरेगी। इसके अलावा मुक्केबाजी में परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल भी अपने-अपने फाइनल में उतरेंगे। कुश्ती समेत कई अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक जीतने का मौका है। भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक कई खेलों में पदक जीते हैं और 70 पदकों का आंकड़ा पार कर लिया है।


