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    AI ने अकाउंटिंग में हासिल की 100% सटीकता, क्या खतरे में हैं अकाउंटेंट्स की नौकरियां?

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब एआई ऐसे अकाउंटिंग कार्यों में भी इंसानों से बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया है, जिन्हें पूरा करने के लिए पेशेवर अकाउंटेंट्स को काफी समय लग जाता है। एआई रिक्रूटिंग कंपनी Mercor के एक नए अध्ययन में Anthropic के Claude Opus 5 ने कुछ निर्धारित अकाउंटिंग कार्यों में 100 प्रतिशत सटीकता हासिल की। मॉडल ने हर कार्य को 10 मिनट से कम समय में पूरा किया।

    12 अकाउंटेंट्स और एआई की हुई तुलना

    Mercor के अध्ययन में 12 लाइसेंस प्राप्त सीपीए को शामिल किया गया था। इन प्रतिभागियों के पास औसतन करीब साढ़े पांच साल का अकाउंटिंग अनुभव था। उन्हें वास्तविक कंपनियों की फाइलों पर आधारित चार महीने के अंत वाले अकाउंटिंग परिदृश्यों को हल करने के लिए कहा गया।

    इन कार्यों में दस्तावेजों से जरूरी जानकारी खोजना, सही आंकड़े पहचानना, गणना करना और नतीजों को एक तय प्रारूप में प्रस्तुत करना शामिल था। अध्ययन में इंसानी प्रतिभागियों की औसत सटीकता करीब 37 प्रतिशत रही। अलग-अलग प्रयासों में यह आंकड़ा शून्य से लगभग 90 प्रतिशत तक रहा। ज्यादातर अकाउंटेंट्स को एक कार्य पूरा करने में 30 से 180 मिनट लगे।

    इसके मुकाबले Claude Opus 5 ने अध्ययन में दर्ज सभी 20 प्रयासों में 100 प्रतिशत स्कोर किया। हर प्रयास 10 मिनट से कम समय में पूरा हुआ। अध्ययन में लागत का भी अनुमान लगाया गया। अमेरिकी अकाउंटेंट की औसत मजदूरी को आधार मानने पर प्रति रूब्रिक मानदंड पूरा करने की अनुमानित लागत 10.35 डॉलर थी, जबकि Claude Opus 5 के लिए यह करीब 0.21 डॉलर रही।

    18 महीने में तेजी से बदली तस्वीर

    इस अध्ययन का एक अहम पहलू एआई की तेज प्रगति है। Mercor के मुताबिक करीब 18 महीने पहले सबसे बेहतर एआई मॉडल भी इंसानी अकाउंटेंट्स के औसत प्रदर्शन से पीछे थे। इसके बाद OpenAI के o3 मॉडल ने इंसानी औसत को पार किया और GPT-5 करीब 69 प्रतिशत तक पहुंचा। अब कुछ नए फ्रंटियर मॉडल इसी तरह के कार्यों में 100 प्रतिशत के करीब या उस स्तर तक पहुंच रहे हैं।

    क्या अकाउंटेंट्स की नौकरी सच में खतरे में है?

    100 प्रतिशत स्कोर के बावजूद यह कहना जल्दबाजी होगी कि एआई अकाउंटेंट्स की पूरी नौकरी छीन लेगा। खुद Mercor ने अध्ययन की सीमा स्पष्ट की है। टेस्ट में मुख्य रूप से ऐसे काम शामिल थे जिनमें फाइलों से जानकारी खोजना, बारीक निर्देशों का पालन करना और व्यवस्थित गणना करना जरूरी था। वास्तविक अकाउंटिंग का दायरा इससे काफी बड़ा है।

    अकाउंटेंट्स को क्लाइंट से बातचीत, टीम के साथ समन्वय, संदर्भ समझने और पेशेवर निर्णय लेने जैसे काम भी करने पड़ते हैं, जिन्हें इस परीक्षण में नहीं परखा गया।

    एआई बनेगा सहयोगी या विकल्प?

    2026 में प्रकाशित एक अलग शोध में 277 पेशेवर अकाउंटेंट्स और एआई-सक्षम अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म के 79 छोटे और मध्यम कारोबारों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें एआई के इस्तेमाल से उत्पादकता बढ़ने और नियमित डेटा एंट्री से काम को संचार व गुणवत्ता जांच की ओर स्थानांतरित होने के संकेत मिले। हालांकि, शोध में यह भी पाया गया कि गलत एआई सुझावों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने से त्रुटि का जोखिम बढ़ सकता है।

    इसलिए फिलहाल तस्वीर यह है कि एआई अकाउंटिंग के कई दोहराव वाले और संरचित कामों को तेजी से बदल सकता है, लेकिन पेशेवर अकाउंटेंट की भूमिका खत्म होने का निष्कर्ष इस अध्ययन से नहीं निकाला जा सकता। आने वाले समय में चुनौती नौकरी खत्म होने से ज्यादा मानव विशेषज्ञता और एआई के बीच काम के बंटवारे को लेकर हो सकती है।

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