बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अब आकाश उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में होने वाली जनसभाओं, सम्मेलनों और पार्टी के अन्य कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को दिल्ली स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में चुनाव संबंधी कार्यों और दस्तावेजों की जिम्मेदारी में सहयोग करने को कहा गया है। मायावती के इस फैसले को पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आकाश आनंद को इन शहरों में करनी हैं जनसभाएं
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने बयान में आकाश आनंद को सौंपी गई जिम्मेदारियों की जानकारी दी। इसके मुताबिक, आकाश 28 अक्टूबर को बुलंदशहर, दो नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
इसके अलावा, 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में आयोजित होने वाली बसपा की विचार संगोष्ठी में भी आकाश आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की है। इन कार्यक्रमों के जरिए बसपा विभिन्न राज्यों में अपना संगठन सक्रिय करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को गति देने की कोशिश करेगी।
ईशान आनंद को दिल्ली में मिली जिम्मेदारी
मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को भी पार्टी के कामकाज में सक्रिय भूमिका देने का एलान किया है। ईशान लंदन से कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। अब वह मायावती के निर्देशन में दिल्ली स्थित बसपा के केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर काम करेंगे।
उन्हें खास तौर पर चुनाव से जुड़े कार्यों और अन्य जरूरी दस्तावेजों के प्रबंधन में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ सप्ताह में बसपा के भीतर आकाश और ईशान की भूमिकाओं को लेकर कई बदलाव देखने को मिले हैं।
अशोक सिद्धार्थ की वापसी पर मायावती का दोटूक रुख
अपने बयान में मायावती ने आकाश आनंद के ससुर और पूर्व बसपा नेता अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की खबरों पर कार्यकर्ता ध्यान न दें। मायावती ने साफ किया कि उन्हें किसी भी परिस्थिति में दोबारा बसपा में शामिल नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्व पार्टी के लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और आकाश को सौंपी गई जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा करने की अपील की।
बसपा में हालिया घटनाक्रम के बाद अहम फैसला
बसपा में आकाश आनंद की भूमिका पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। सितंबर में उन्हें पार्टी से बाहर किया गया था, जबकि बाद में ईशान को संगठन में जिम्मेदारी दी गई। अक्टूबर की शुरुआत में आकाश की पार्टी में वापसी हुई और अब उन्हें विभिन्न राज्यों में जनसभाओं तथा सम्मेलनों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
मायावती के ताजा फैसले से साफ है कि आकाश को दोबारा सक्रिय संगठनात्मक भूमिका दी जा रही है, जबकि ईशान दिल्ली में पार्टी के चुनावी और प्रशासनिक कामकाज में सहयोग करेंगे। अब इन नियुक्तियों का बसपा के जमीनी संगठन और आगामी चुनावी तैयारियों पर क्या असर पड़ता है, इस पर नजर रहेगी।


