संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर कड़े शब्दों में घेरा है। भारत ने सवाल उठाया कि आखिर पाकिस्तान कब तक खुद को आतंकवाद का पीड़ित बताकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश करता रहेगा। भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकियों ने पीड़ितों का धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। भारत ने इसे आतंकवाद की क्रूर और सांप्रदायिक मानसिकता का उदाहरण बताते हुए पाकिस्तान के सामने जवाबदेही का सवाल उठाया।
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भारत लंबे समय से पाकिस्तान से अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की मांग करता रहा है।
‘आतंकवाद का पीड़ित होने का नाटक कब तक?’
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के उस रुख पर सवाल उठाया, जिसमें वह खुद को आतंकवाद से प्रभावित देश के रूप में पेश करता है। भारत की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी जमीन से संचालित आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ उसने क्या प्रभावी कदम उठाए हैं।
भारतीय पक्ष का तर्क रहा कि आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पीड़ित होने की छवि पेश करना पर्याप्त नहीं है। आतंकवादी संगठनों को मिलने वाले समर्थन, उनके नेटवर्क और हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
भारत ने पाकिस्तान को यह संदेश भी दिया कि आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता। हालांकि, इस तरह के आरोपों पर पाकिस्तान का पक्ष और संबंधित मंच पर दोनों देशों के वक्तव्यों का पूरा संदर्भ भी महत्वपूर्ण है।
पहलगाम हमले का जिक्र कर भारत ने क्या कहा?
भारत ने अपने बयान में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया। इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। घटना में 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने कुछ पीड़ितों से उनका धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मारी।
भारत ने इस घटना को आतंकवाद की अमानवीय प्रकृति का उदाहरण बताया। हमले में लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने की बात ने देशभर में आक्रोश पैदा किया था। भारत ने इसके बाद आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्त करने तथा हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने पर जोर दिया।
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बढ़ा था। भारत ने हमले के पीछे सीमा पार आतंकवादी नेटवर्क की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जबकि पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को खारिज किया।


