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    पहाड़ों की बर्फबारी से दिल्ली में बढ़ी ठंड, यूपी में बारिश से आफत, अन्य राज्यों के ये हाल

    नई दिल्ली/लखनऊ। सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 18 वर्षों में इस अवधि की सबसे सर्द रात रही। इससे पहले 6 सितंबर 2008 को न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

    दिल्ली में मौसम के बदले मिजाज के बीच हवा की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। हालांकि, सोमवार को राजधानी और एनसीआर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड

    उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की पहाड़ियों, गोमुख ट्रैक तथा नेलांग-जादूंग घाटी में एक से चार फीट तक बर्फ गिरने की सूचना है। बर्फबारी और मलबा आने के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है। चारधाम यात्रा भी अस्थायी रूप से रोकी गई है।

    हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रा, किन्नौर और स्पीति की ऊंची चोटियों पर भी बर्फबारी हुई। खराब मौसम के चलते कई स्थानों पर रास्ते बंद हुए हैं। उत्तरकाशी में गंगोत्री ग्लेशियर की चोटियों और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग के लिए गए 136 पर्वतारोही भी अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। प्रशासन के अनुसार सभी सुरक्षित हैं।

    यूपी में बारिश बनी आफत

    उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में भारी बारिश के कारण कच्चे मकान और दीवारें ढहने, पेड़ और बिजली के पोल गिरने तथा जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश से जुड़े हादसों में शनिवार शाम तक प्रदेश में 58 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी।

    लखीमपुर खीरी में शनिवार को 342 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश हुई। कानपुर में 175.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां 45 साल का रिकॉर्ड टूट गया। भारी बारिश के कारण कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

    आज भी कई इलाकों में अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। हालांकि, सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।

    दिल्ली में भी सोमवार को बादल और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 29 सितंबर से मौसम के मुख्य रूप से साफ होने का अनुमान है। इस तरह पहाड़ों की बर्फबारी और मैदानी इलाकों की बारिश ने सितंबर के अंत में मौसम को असामान्य रूप से ठंडा और सक्रिय बना दिया है।

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