सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forrest’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म लोककथा, आस्था, रहस्य, हॉरर और फैंटेसी को एक साथ जोड़ने की कोशिश करती है। कहानी बिहार की पृष्ठभूमि, छठ पूजा और वन देवी से जुड़ी मान्यताओं के बीच आगे बढ़ती है। फिल्म को लेकर आई समीक्षाओं में इसकी दिलचस्प अवधारणा और माहौल की तारीफ हुई है, लेकिन कहानी के बिखरने और कमजोर क्लाइमैक्स पर भी सवाल उठे हैं।
आस्था बनाम लालच की कहानी
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ऋषि का किरदार निभाया है, जो अपनी पत्नी ममता के साथ मुंबई में रहता है। दोनों लंबे समय से संतान की इच्छा रखते हैं। आर्थिक जरूरतों के बीच ऋषि अपने पुश्तैनी गांव लौटता है, जहां जमीन बेचकर वह आगे का रास्ता निकालना चाहता है।
यहीं कहानी का दूसरा पक्ष सामने आता है। जिस जमीन पर सड़क बनाने की योजना है, वह स्थानीय लोगों के लिए पवित्र वन से जुड़ी है। गांव में वन देवी की मान्यता है और रात के समय जंगल में जाने को लेकर कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं। ऋषि इन मान्यताओं को शुरुआत में गंभीरता से नहीं लेता, लेकिन गांव लौटने के बाद उसके सामने ऐसी घटनाएं आती हैं, जिन्हें समझना आसान नहीं है।
सिद्धार्थ-तमन्ना की जोड़ी
सिद्धार्थ मल्होत्रा फिल्म में एक ऐसे शहरी व्यक्ति के रूप में नजर आते हैं, जो धीरे-धीरे अपने आसपास मौजूद लोकविश्वास और रहस्यमयी घटनाओं से सामना करता है। उनके एक्शन सीक्वेंस को समीक्षाओं में प्रभावी बताया गया है, हालांकि किरदार में बहुत कुछ नया नहीं दिखने की बात भी कही गई है।
तमन्ना भाटिया फिल्म की भावनात्मक कहानी को संभालती हैं। ममता के किरदार में उनकी आस्था और मां बनने की इच्छा कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री फिल्म के मजबूत पक्षों में गिनी गई है।
सुनील ग्रोवर और सपोर्टिंग कास्ट
सुनील ग्रोवर अलग अंदाज में नजर आते हैं। अनूप सोनी और श्वेता तिवारी ने भी अपने किरदारों को मजबूती दी है। मनीष पॉल का कॉमिक ट्रैक कहानी में हल्कापन लाता है, हालांकि कुछ समीक्षकों को उनका हास्य दोहराव वाला लगा।
पहला हाफ बेहतर, दूसरा कमजोर
फिल्म का पहला हिस्सा रहस्य पैदा करने में कामयाब रहता है। जंगल, लोककथा और वन देवी से जुड़े सवाल दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखते हैं। सिनेमैटोग्राफी और जंगल के वातावरण को भी समीक्षाओं में सराहा गया है।
समस्या दूसरे हाफ में आती है। कई ट्रैक एक साथ जुड़ने लगते हैं और कहानी का फोकस कमजोर पड़ता है। कुछ समीक्षाओं के मुताबिक कमजोर स्क्रीनप्ले, औसत वीएफएक्स और जल्दबाजी में समेटा गया क्लाइमैक्स फिल्म के असर को कम करते हैं।
क्या फिल्म अपनी बात कह पाती है?
‘The Vvaan’ आस्था और अंधविश्वास के साथ लालच, विकास और प्रकृति के बीच टकराव को भी छूती है। फिल्म के पास एक अलग और भारतीय लोककथा से जुड़ा आधार है, लेकिन समीक्षकों के अनुसार इसका निष्पादन हर जगह उतना प्रभावी नहीं रह पाता। नतीजा यह है कि फिल्म में अच्छे विचार, आकर्षक विजुअल्स और कलाकारों के प्रदर्शन के बावजूद कहानी कई जगह अपनी ही दुनिया में उलझती दिखाई देती है।


