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    खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखें, चीन ने भारत से रिश्तों पर कही बड़ी बात

    चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हो रही है। इसी बीच नई दिल्ली में चीन की ओर से भारत के साथ रिश्तों को लेकर अहम संदेश दिया गया है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के तौर पर देखना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चीन-अमेरिका संबंधों के बीच भी सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों जारी हैं।

    चीन ने भारत के लिए क्या कहा?

    चीन के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में राजदूत शू फेइहोंग ने भारत-चीन संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देश पड़ोसी और प्राचीन सभ्यताएं हैं तथा उनके बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और सहयोग लंबे समय से संबंधों की मुख्यधारा रहा है। शू ने कहा कि चीन और भारत को एक-दूसरे को खतरे के बजाय विकास के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद हैं, लेकिन उन्हें संभालने के लिए पर्याप्त राजनीतिक और ऐतिहासिक समझ भी मौजूद है। चीन के राजदूत ने सीमा विवाद और द्विपक्षीय संबंधों के लिए ‘डुअल-ट्रैक’ दृष्टिकोण की बात कही। इसके तहत सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

    मोदी-शी मुलाकात का भी किया जिक्र

    शू फेइहोंग ने हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया। दोनों नेताओं की मुलाकात 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। चीनी पक्ष के अनुसार, दोनों नेताओं ने चीन-भारत संबंधों को स्थिर और स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी। अब चीन का कहना है कि इस सहमति को ठोस कदमों में बदलने के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

    कारोबार में भी बढ़ोतरी

    चीनी राजदूत ने आर्थिक रिश्तों को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 91.7 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23.6 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के पैमाने को दिखाता है, भले ही रणनीतिक और सीमा से जुड़े मतभेद बने हुए हैं।

    अमेरिका में ट्रंप-शी की बैठक पर नजर

    दूसरी ओर, शी जिनपिंग अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। वाशिंगटन पहुंचने पर ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर स्वागत किया। ट्रंप और शी के बीच व्यापार, तकनीक, ईरान समेत कई द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।

    ऐसे समय में चीन की ओर से भारत को ‘पार्टनर’ बताना और संबंधों को दीर्घकालिक रणनीतिक नजरिए से आगे बढ़ाने की बात करना दोनों देशों के बीच हालिया संपर्कों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, सीमा और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर मतभेदों के समाधान के लिए आगे की बातचीत और ठोस कदम अहम रहेंगे।

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