US Iran Attack: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान पर नए सीमित सैन्य हमलों की जानकारी दी। इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। दूसरी तरफ, युद्ध समाप्त कराने के लिए कतर ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर नया प्रस्ताव पेश किया है। ईरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन बातचीत शुरू करने से पहले उसने अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं।
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के नए एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को नष्ट कर दिया है। उन्होंने इस कार्रवाई को सीमित बताया और दावा किया कि ईरान द्वारा तैयार किए गए एयर डिफेंस उपकरण को अमेरिकी सेना ने कुछ ही मिनटों में तबाह कर दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित क़ेश्म द्वीप के सुजा इलाके में दो धमाकों की आवाज सुनी गई। यह क्षेत्र तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद यह पहली सैन्य कार्रवाई है। युद्ध और ईंधन की बढ़ती कीमतों को चुनाव में पार्टी की हार की वजहों में शामिल माना जा रहा है।
कतर ने रखा दो दिन का प्रस्ताव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, कतर ने दोनों देशों के सामने दो दिन का अंतरिम समझौता प्रस्तावित किया है। इसका उद्देश्य परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत का रास्ता खोलना है।
प्रस्ताव के पहले दिन अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा और ईरान की जब्त संपत्तियों में से कुछ रकम जारी करेगा। इसके बदले ईरान उन परमाणु ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को जाने की अनुमति देगा, जिन पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया था।
दूसरे दिन ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने पर सहमत होगा। इसके बाद दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को लेकर व्यापक बातचीत शुरू करने की योजना है।
बातचीत से पहले ईरान की बड़ी शर्तें
ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका की ओर से कुछ मांगें स्वीकार किए बिना परमाणु वार्ता शुरू करना मुश्किल है। उसकी प्रमुख शर्तों में बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करना, आर्थिक प्रतिबंध हटाना, जब्त संपत्तियां वापस करना और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा देना शामिल है।
ईरान ने लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई समेत क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने की मांग भी रखी है।
क्या खत्म होगा युद्ध?
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास एक साथ जारी हैं। कतर की पहल से बातचीत की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन दोनों देशों के बीच मतभेद अभी बरकरार हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या अंतरिम समझौता युद्धविराम और स्थायी शांति की दिशा में कोई रास्ता खोल पाता है।


