अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। ताजा जनमत सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़त मिलती दिख रही है। इससे अमेरिकी संसद में बहुमत गंवाने का खतरा ट्रंप के सामने खड़ा हो गया है। चुनाव से ठीक पहले ट्रंप ने अरबपति कारोबारी एलन मस्क और अपने दूसरे करीबियों को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करते हैं और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच शुरू करते हैं तो वह उन्हें बचाने के लिए राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सर्वे में डेमोक्रेट्स को कितनी बढ़त?
रॉयटर्स/इप्सोस के 2 नवंबर को जारी सर्वेक्षण के मुताबिक, अमेरिकी मतदाताओं के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी को 46 प्रतिशत और रिपब्लिकन पार्टी को 38 प्रतिशत समर्थन मिला है। यानी डेमोक्रेट्स आठ प्रतिशत अंकों से आगे हैं। सर्वे में 1,765 अमेरिकी वयस्क शामिल हुए थे और इसमें दो प्रतिशत अंकों की त्रुटि सीमा बताई गई है।
वहीं, 22 से 26 अक्टूबर के बीच हुए रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में संभावित मतदाताओं के बीच डेमोक्रेट्स को 53 प्रतिशत और रिपब्लिकन को 44 प्रतिशत समर्थन मिला था। इससे चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग भी चिंता का विषय है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में उनकी लोकप्रियता 32 प्रतिशत दर्ज की गई, जो उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के सबसे निचले स्तर के करीब है।
एलन मस्क को बचाने के लिए क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट ‘पॉड फोर्स वन’ को दिए इंटरव्यू में एलन मस्क और अपने सहयोगियों को लेकर सवालों का जवाब दिया। उनसे पूछा गया था कि यदि डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में जीत हासिल करते हैं तो क्या वे मस्क के खिलाफ जांच कर सकते हैं या उनकी संपत्ति जब्त करने जैसी कार्रवाई कर सकते हैं?
इस पर ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसी स्थिति बनती है तो उन्हें अपने करीबियों की रक्षा करनी होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वह पहले से क्षमादान देने पर विचार कर सकते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह मस्क और दूसरे सहयोगियों को भी ऐसा संरक्षण देंगे तो उन्होंने जवाब दिया कि जरूरत पड़ने पर वह ऐसा करेंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से कार्यकाल खत्म होने से पहले दिए गए क्षमादानों का भी जिक्र किया।
एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा और सीनेट का नियंत्रण तय होगा। अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करते हैं तो वे ट्रंप प्रशासन के फैसलों, अधिकारियों और सहयोगियों की संसदीय जांच तेज कर सकते हैं। इससे ट्रंप के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। बजट, कानून और प्रशासनिक फैसलों पर भी राजनीतिक टकराव बढ़ने की आशंका है।
महंगाई और ईरान युद्ध बना चुनावी मुद्दा
चुनाव में महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और ईरान के साथ जारी युद्ध प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। डेमोक्रेट्स इन मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन को घेर रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेट्स की नीतियों को निशाना बना रही है। हालांकि, सर्वेक्षण चुनाव परिणाम नहीं होते। वास्तविक तस्वीर मतदान और सीटों के नतीजे आने के बाद ही साफ होगी।


