बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी पत्नी नीलम देवी को भी बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने नीलम देवी को राज्य स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से हटा दिया है। इसके साथ ही उन्हें मिला राज्यमंत्री के समकक्ष दर्जा भी समाप्त हो गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अनंत सिंह और जदयू नेतृत्व के बीच विवाद गहरा गया है। नीलम देवी को करीब पांच महीने पहले राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में जगह दी गई थी। अब सरकार ने उनका पद वापस ले लिया है। इससे अनंत सिंह के परिवार को लगातार दूसरा राजनीतिक झटका लगा है।
पहले जदयू ने किया था निष्कासित
इससे पहले शनिवार को जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने इस कार्रवाई के पीछे कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को वजह बताया था।
जदयू के मुताबिक, अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में काम करने के बजाय दूसरे उम्मीदवार का समर्थन किया। इसके अलावा उन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया।
पार्टी ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधानसभा सदस्यता के संबंध में दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई पर विचार करने का अनुरोध भी किया गया है। हालांकि, उनकी विधानसभा सदस्यता पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
विधान परिषद चुनाव बना विवाद की वजह
अनंत सिंह और जदयू नेतृत्व के बीच विवाद की प्रमुख वजह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद चुनाव बना। जदयू ने इस सीट पर नीरज कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। लेकिन अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी से जुड़े अनुज सिंह का समर्थन किया।
अनंत सिंह ने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार भी किया। बताया गया कि वह नीरज कुमार से पुरानी राजनीतिक नाराजगी के कारण उनके विरोध में खड़े हुए थे। पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें आधिकारिक उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए मनाने की कोशिश भी की गई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
इसके बाद जदयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ कार्रवाई की। अब राज्य सरकार की ओर से नीलम देवी का पद और राज्यमंत्री के समकक्ष दर्जा समाप्त किए जाने से मामला और चर्चा में आ गया है।
कौन हैं नीलम देवी?
नीलम देवी मोकामा की पूर्व विधायक और अनंत सिंह की पत्नी हैं। उन्होंने 2020 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। वर्ष 2022 में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद हुए उपचुनाव में भी वह मोकामा से विधायक चुनी गई थीं।
बाद में वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ आ गईं। उन्हें राज्य स्तरीय 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में सदस्य बनाया गया था, जिसके साथ राज्यमंत्री के समकक्ष दर्जा मिला था।
आगे क्या होगा?
नीलम देवी को समिति से हटाए जाने के बाद अनंत सिंह के परिवार की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इस कार्रवाई का उनके परिवार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल जदयू से निष्कासन और सरकारी पद वापस लिए जाने से अनंत सिंह के परिवार को लगातार दो झटके लगे हैं।


