पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। जांच शुरू करते ही एजेंसी ने साक्ष्य जुटाने और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए सीबीआई ने वरिष्ठ डीआईजी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की है। टीम मानसा पहुंचकर संबंधित थाने से केस का रिकॉर्ड हासिल कर चुकी है।
बुधवार को सीबीआई अधिकारियों ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की और उनके बयान दर्ज किए। जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों, ड्रग कंट्रोल अधिकारियों और अन्य विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। एजेंसी जल्द ही मामले में नई एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच करेगी।
PGI चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम
परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी। यह प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरी की जाएगी, ताकि मौत से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की जा सके।
झोटा की 13 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही उनका परिवार न्याय की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहा था। परिजन चाहते थे कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब सीबीआई के जांच संभालने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार कर सकता है।
मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर की गई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठाते थे। जानकारी के मुताबिक, 13 अक्टूबर को भी वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री के विरोध में एक मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। इसी दौरान दुकानदार अश्वनी शर्मा ने कथित रूप से दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
मामले में आरोपी अश्वनी शर्मा को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया था। अब सीबीआई हत्या के घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
इस मामले में जांच एजेंसी के सामने हत्या से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने और परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की चुनौती है। सीबीआई की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले में आगे महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।


